श्रीनगर , अक्टूबर 17 -- नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार पर जम्मू-कश्मीर के साथ 'सौतेला व्यवहार' करने का आरोप लगाया तथा इसके पीछे विशेष दर्जे को खत्म किये जाने, इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटे जाने और राज्य का दर्जा बहाल करने में लगातार हो रहे विलंब का हवाला दिया।
श्री अब्दुल्ला ने एक बयान में कहा कि लोकतंत्र में डराने-धमकाने, जोर-जबरदस्ती, उत्पीड़न और लोगों की आवाज दबाने के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि 'भारत का संविधान' भी इस तरह के कृत्यों की अनुमति नहीं देता है। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों का सम्मान करना किसी भी लोकतांत्रिक समाज की बुनियादी जिम्मेदारी है और किसी भी क्षेत्र या नागरिक के साथ धर्म या आस्था के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "पहले जनता की सहमति के बिना हमारा विशेष दर्जा छीन लिया गया और इस ऐतिहासिक राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बदल दिया गया, जबकि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा अब भी अधर में लटका हुआ है। संसद में और उच्चतम न्यायालय के समक्ष जम्मू-कश्मीर के लोगों को आश्वासन दिया गया था कि चुनाव के तुरंत बाद राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जायेगा। चुनाव हुए दो वर्ष बीत गये, लेकिन इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है।" उन्होंने कहा कि स्थिति को और बदतर बनाते हुए, जम्मू-कश्मीर की चुनी हुई सरकार को वे अधिकार भी नहीं दिये जा रहे हैं जो आम तौर पर एक केंद्र शासित प्रदेश की सरकार को मिलते हैं।
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