हैदराबाद , मई 12 -- ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईए) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर अर्थव्यवस्था की असली हालत छिपाने, ईंधन की बढती कीमतों, विदेशी निवेश के बाहर जाने और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) पेपर लीक मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की।

श्री ओवैसी ने हैदराबाद में संवाददाताओं से बात करते हुए सवाल किया कि केंद्र ने चुनाव प्रचार के दौरान यह क्यों नहीं बताया कि चुनाव के बाद ईंधन की कीमतें बढ़ेंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अब पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बोझ को बतौर देशभक्ति दिखाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। एआईएमआईएम प्रमुख ने दावा किया कि विदेशी निवेशकों ने मार्च 2026 में भारतीय बाजारों से लगभग एक लाख करोड़ रुपये निकाले, जो देश की आर्थिक हालत पर भरोसे की कमी को दिखाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2020 से उभरते बाजारों में भारतीय रुपया सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्रा में से एक बन गया है।

श्री ओवैसी ने एनईईटी परीक्षा पेपर लीक को लेकर भी केंद्र की आलोचना की और कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों छात्र और उनके माता-पिता परेशान हैं। उन्होंने सवाल दागा कि परीक्षा सुधारों और गड़बड़ी के खिलाफ सख्त कानूनों के बारे में सरकार के बार-बार आश्वासन के बावजूद पेपर लीक कैसे हुआ।

उन्होंने विद्यार्थियों के परिवारों पर पैसे के बोझ का जिक्र करते हुए कहा कि माता-पिता ने कोचिंग सेंटर और परीक्षा की तैयारी पर लाखों रुपये खर्च किये थे, लेकिन लीक के बाद उन्हें अनिश्चितता का सामना करना पड़ा। उन्होंने मांग की कि भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मुद्दे पर छात्रों और माता-पिता को जवाब दें।

श्री ओवैसी ने हैदराबाद में हाल ही में बच्चों के यौन शोषण मामले में पहले ही प्रकरण दर्ज किया जा चुका है और उम्मीद जताई कि पीड़ितों को न्याय मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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