चंडीगढ़ , मार्च 17 -- पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मंगलवार को केंद्र सरकार को कड़ी चुनौती देते हुए कहा है कि पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में पंजाब की ऐतिहासिक सफलता को केवल स्वीकार करना ही काफी नहीं है, बल्कि केंद्र को राज्य के लंबे समय से लंबित वित्तीय बकाये को जारी कर न्याय करना चाहिए।
लोकसभा में केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह द्वारा पेश किये गये आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री खुड्डियां ने कहा कि आंकड़ों ने पुष्टि की है कि 2022 से पंजाब और हरियाणा में आग की घटनाओं में 90 प्रतिशत से अधिक की सामूहिक कमी आयी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार ने आखिरकार सच स्वीकार कर लिया है, फिर भी वह 8800 करोड़ रुपये के ग्रामीण विकास कोष (आरडीएफ) को अनुचित तरीके से रोके हुए है।
कृषि मंत्री ने कहा कि यह विडंबना है कि पंजाब के किसान देश का पेट भरने के साथ-साथ पराली प्रबंधन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार राज्य को उसका वाजिब हक देने से इनकार कर रही है। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों ने उन आलोचकों का मुंह बंद कर दिया है जो उत्तर भारत के प्रदूषण के लिए हमेशा पंजाब के किसानों को जिम्मेदार ठहराते थे। उन्होंने कहा, " संसद में पेश किये गये उपग्रह (सेटेलाइट) डेटा ने सभी झूठी कहानियों को खत्म कर दिया है। "मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनरी पर सब्सिडी देने के लिए 416 करोड़ रुपये खर्च किये गये। आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट को बढ़ाकर 600 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
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