नयी दिल्ली , मार्च 29 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने रविवार को केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि हालिया घटनाक्रमों के चलते पाकिस्तान को फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता मिल रही है।
श्री रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक कड़े बयान में पाकिस्तान की आलोचना करते हुए उसे "लोकतंत्र के नाम पर ढोंग" और "आईएमएफ तथा चीन और सऊदी अरब जैसे देशों पर निर्भर अर्थव्यवस्था" करार दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान आतंकवादियों के लिए पनाहगाह रहा है।
श्री रमेश ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों बिल क्लिंटन, श्री जॉर्ज डब्ल्यू. बुश, श्री बराक ओबामा और श्री जो बाइडेन के कार्यकाल में पाकिस्तान के प्रति सख्त रुख अपनाया गया था। उन्होंने 2008 मुंबई आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय अलगाव का भी उल्लेख किया।
उन्होंने दावा किया कि अब स्थिति उलट गई है और पाकिस्तान को "नयी स्वीकृति" मिल रही है। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के कथित बयान का हवाला देते हुए इसे मोदी सरकार की विदेश नीति और कूटनीतिक रणनीति की "बड़ी विफलता" बताया।
श्री रमेश ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि वॉशिंगटन की नीतियों ने भी पाकिस्तान की स्थिति सुधारने में योगदान दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि अमेरिका के साथ करीबी संबंधों के बावजूद ऐसा बदलाव क्यों हुआ।
उन्होंने हाउडी मोदी कार्यक्रम और नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम जैसे आयोजनों का हवाला देते हुए कहा कि व्यक्तिगत कूटनीति पर अत्यधिक जोर दिया गया, लेकिन इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिला।
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका को संतुष्ट करने के प्रयास, जिनमें व्यापार से जुड़े फैसले भी शामिल हैं, कूटनीतिक लाभ दिलाने में विफल रहे।
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