नयी दिल्ली , मई 26 -- केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के 51 सदस्यीय विद्यार्थियों एवं मार्गदर्शकों का दल मंगलवार को हिमालय के कुल्लू मंडल स्थित राओरी खोली (12,000 फुट) के साहसिक ट्रैकिंग अभियान के लिए रवाना हुआ।
यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार अभियान केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, गीर्वाणभारती, संस्कृतभारती, यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीनिवास वरखेड़ी ने दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से यह अनूठा साहसिक अभियान संचालित किया जा रहा है। हिमालय की गोद में आयोजित यह यात्रा विद्यार्थियों को प्रकृति, संस्कृति एवं भारतीय जीवन-दर्शन को निकट से अनुभव करने का अवसर प्रदान करेगी।
उन्होंने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में आवश्यक सावधानियों, पर्यावरण संरक्षण तथा प्राकृतिक संरचनाओं के प्रति सम्मान बनाये रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसे और अधिक व्यापक एवं नियमित साहसिक अभियानों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह साहस और संस्कार से परिपूर्ण अभियान विद्यार्थियों को भारत के भूगोल, संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने का कार्य करेगा। यह यात्रा राष्ट्रीय एकात्मता, सांस्कृतिक समरसता तथा भाषाई सौहार्द को भी सुदृढ़ करेगी।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आर.जी. मुरलीकृष्ण ने इस मौके पर कहा कि हिमालय केवल पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक परंपरा और राष्ट्रीय आत्मा का प्रतीक है। इस प्रकार के साहसिक एवं सांस्कृतिक अभियानों से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामूहिकता, अनुशासन एवं आत्मविश्वास का विकास होता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, पर्यावरण चेतना और राष्ट्रभावना से जुड़े ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा।
विश्वविद्यालय की डीन प्रो. लीना सक्करवाल ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में साहस, अनुशासन, संस्कृति और भाषा के प्रति जागरूकता विकसित होगी। भारत के विभिन्न राज्यों एवं भाषाई पृष्ठभूमियों से आए विद्यार्थी आठ दिनों तक साथ रहकर 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को साकार करेंगे।
ट्रैकिंग अभियान के समन्वयक डॉ. योगेंद्र दीक्षित ने बताया कि इस अभियान में विश्वविद्यालय के विभिन्न परिसरों के 48 विद्यार्थी एवं तीन मार्गदर्शक सम्मिलित हैं। दल का नेतृत्व तरुणोदय संस्कृत संस्थान, शिवमोगा (कर्नाटक) के विजेंद्र राव, के.स. वि. के सहायक निदेशक शिक्षा डॉ.राजेन्द्र शर्मा कर रहे हैं। यह आठ दिवसीय ट्रैकिंग यात्रा 26 मई से कुल्लू स्थित शिओबाग बेस कैंप से प्रारंभ होकर सेठन गांव, कुकी नाला, लामदो, सुरतू नाला, देव टिब्बा तथा जाबरी नाला होते हुए राओरी खोली बेस कैंप तक पहुंचेगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित