नयी दिल्ली / मुंबई , फरवरी 14 -- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के अभियान पर तीखा पलट वार करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर झूठ का सहारा लेकर राजनीति कर रहे हैं।

श्री गोयल ने शनिवार को मुंबई में संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी अपने आप को ही सवालों के घेरे में ले रहे हैं। भारत को कपास मंगवाने की जरूरत पड़ती है। खुद कांग्रस के नेतृत्वाली संप्रग सरकार में एसईजे क्षेत्र की इकाइयों को कपास के लिए शुल्क मुक्त आयात की छूट दी गयी है। उन्होंने कहा कि श्री गांधी भारत- अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ राजनीति कर रहे हैं और इसके लिए 'अब झूठ का सहारा लिया जा रहा है।'वाणिज्य मंत्री श्री गोयल ने कहा कि कांग्रेस के नेता जब इस समझौते में कोई खामी नहीं ढूंढ सके तो वे झूठ पर आ गये। इस तरह वह अपने अपना खोखलापन साबित करने की नासमझी कर रहे हैं। श्री गोयल मुंबई में संवाददाताओं से बात कर रहे थे।

श्री गांधी ने आज एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि 'झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं। और .. वे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल निर्यातकों को धोखा दे रहे हैं।"श्री गांधी ने यह भी कहा है कि बंगलादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर शून्य शुल्क पर प्रवेश की छूट मिलेगी लेकिन उसे अमेरिका से कपास खरीदने की शर्त पर यह लाभ मिलेगा।

श्री गोयल ने लम्बी बातचीत के बाद हुए भारत-अमेरिका अंतरिम समझौते को भारत के लिए अवसरों भरा बताया और कहा कि इसमें देश के किसानों, मछुआरों और अन्य कमजोर वर्गों के हितों की पूरी रक्षा के प्रावधान किये गये हैं। उन्होंने कहा, ' श्री गांधी नकारात्मक राजनीति के जरिए भारत की विकास यात्रा को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं।'वाणिज्य मंत्री ने कहा , ''मैं राहुल गांधी की डर फैलाने वाली राजनीति का पर्दाफाश करूंगा, जिससे वे किसानों और निर्यातकों को गुमराह कर रहे हैं।''उन्होंने कहा कि तथ्य यह है कि 'हमारे समय के नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए), से कुल 38 विकसित देश जुड़े हैं और इनसे भारतीय निर्यातकों के लिए कपड़े के 45 लाख करोड़ रुपये के विशाल संभावित बाजारों के दरवाजे खुले हैं। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि इस समय भारत का कपड़ा निर्यात चार लाख करोड़ रुपये का है औ इन नये समझौतों से इसमे वृद्धि की संभावनाएं विचार करने लायक हैं। उन्होंने कहा, '' इससे टेक्सटाइल क्षेत्र में ही लाखों युवा पुरुषों और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे!''अमेरिका से कपास आयात के खतरे की कांग्रेस के नेता की बात पर श्री गोयल ने कहा, '' श्री राहुल गांधी को यह नहीं पता कि अमेरिका में कपास का उत्पादन बहुत कम है और घरेलू खपत के बाद अमेरिका का कपास व धागा निर्यात केवल 6 अरब डॉलर का है। उन्हें यह भी नहीं पता कि बंगलादेश भारत से 2.7 अरब डॉलर की कपास आयात करता है, और उसे आगे भी ऐसा करना पड़ेगा क्योंकि अमेरिका के पास निर्यात के लिए कोई ज्यादा कपास नहीं है।"वाणिज्य मंत्री ने कहा, ''राहुल एक तरह हमारे कपड़ा निर्यातकों की संभावनाओं पर हमला कर रहे हैं, दूसरी ओर वह किसानों को बिना बात के डरा रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत के टेक्सटाइल क्षेत्र में भारी वृद्धि की संभावना के साथ, भारतीय कपास की मांग लगातार बढ़ेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

श्री गोयल ने श्री गांधी पर तंज कसते हुए ये भी कहा, '' जब आपकी ही परिवार की अगुवाई में कांग्रेस सरकार चल रही थी, तब की विदेश व्यापार नीति और विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) अधिनियम [नियम 27(1)] के तहत निर्यात के लिए उत्पाद बनाने में उपयोग होने वाले कच्चे माल के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति थी जिसमें जिसमें कपास भी शामिल है।''वाणिज्य मंत्री ने कहा कि जब राहुल गांधी "निर्यात के लिए शून्य-शुल्क आयात" पर हमला करते हैं, तो वे अपनी ही पार्टी द्वारा शुरू की गई नीतियों पर हमला कर रहे हैं! विपक्ष के ऐसे अज्ञानी नेता पर आश्चर्य नहीं कि वे चुनाव दर चुनाव असफल होते हैं।

श्री गोयल ने भारत के कपड़ा क्षेत्र को भारत की अर्थव्यवस्था की जान बताते हुए कहा, '' राहुल जी, अमेरिकी व्यापार समझौते और एनडीए सरकार द्वारा किए गए अन्य एफटीए से भारतीय किसान और टेक्सटाइल मजदूर दोनों को बड़ा लाभ होगा. और भारत की जनता को प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा है। आपके झूठ का पुलिंदा विफल होगा।"कपड़ मंत्री श्री सिंह ने श्री गांधी के आज के बयान का एक्स पर एक पोस्ट के जरिए जवाब देते हुए कहा, '' श्री गांधी हमेशा की तरह तथ्यों को समझे बिना भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं। वास्तविकता यह है कि भारत ने अमेरिका के साथ कई प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कहीं अधिक बेहतर और संतुलित व्यापार व्यवस्था सुनिश्चित की है।' उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ समझौता समग्र रूप से उद्योग की वृद्धि को समर्थन देने के साथ-साथ हमारे किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए तैयार किया गया है।

कपड़ा मंत्री ने कहा कि भारत की कपास निर्यात कहानी पहले से कहीं अधिक मजबूत और विविधतापूर्ण है।

उन्होंने कहा , '' साथ ही, हम केवल एक बाजार पर निर्भर नहीं हैं। आज भारत के टेक्सटाइल निर्यात ने 100 से अधिक देशों में वृद्धि दर्ज की है, जो हमारी प्रतिस्पर्धात्मकता, लचीलापन और वैश्विक स्तर पर भारतीय टेक्सटाइल वैल्यू चेन में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।''श्री सिंह ने कहा कि इसके अलावा यूरोपीय संघ , ब्रिटेन, न्यूज़ीलैंड, ओमान और अन्य रणनीतिक साझेदारों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों से भारत निर्यातकों के लिए विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में नए अवसर खुल रहे हैं।

कपड़ा मंत्री ने कहा है कि विविध बाजारों में माल बेचने की आसानी से जोखिम में कमी लाने, बेहतर मूल्य हासिल करने और कपास किसानों, कपास की जिनिंग, कताई तथा सूती कपड़ा निर्माताओं के लिए दीर्घकालिक में कारोबार में मजबूत वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।

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