नयी दिल्ली , जून 25 -- केंद्र सरकार के मंत्रालयों द्वारा इस समय लागू की जा रही अनुमानित 150 करोड़ रुपये से अधिक लागत की केंद्रीय क्षेत्र की 16 अवसंरचना परियोजनाओं का काम पूरा कर उन्हें इस वर्ष मई में चालू कर दिया गया।
यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गयी है।
रिपोर्ट के अनुसार मई 2026 तक यह पोर्टल 42.50 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 1,987 अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी कर रहा था। रिपोर्ट में इन परियोजनाओं की प्रगति की स्थिति के बारे में दी गयी जानकारी के अनुसार 817 परियोजनाओं (लगभग 41 प्रतिशत) में 80 प्रतिशत से अधिक भौतिक काम पूरा हो चुका है। 280 परियोजनाएँ (लगभग 14) 80 प्रतिशत वित्तीय खर्च पूरा कर चुकी हैं।
चालू की गयी इन परियोजनाओं में कोयला, आवास एवं शहरी कार्य, विद्युत, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा श्रम एवं रोजगार क्षेत्रों की कई प्रमुख परियोजनाएं हैं। मंत्रालय अपने 'पैमाना ' प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करता है जिससे मंत्रालयों के लिए बेहतर निगरानी समयबद्ध समीक्षा और डेटा-आधारित निर्णय लेने में सहायता मिल रही है।
मई में चालू की गई प्रमुख परियोजनाओं में कोयला मंत्रालय की 21,780.94 करोड़ रुपये मूल्य की घाटमपुर थर्मल पावर परियोजना की 3 गुणा 660 मेगा वाट की परियोजना , आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की 12,924.55 करोड़ रुपये की लागत की अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना का पहला चरण और 8,255 करोड़ रुपये की पेट्रोलियम मंत्रालय की मुंबई-नागपुर-झारसूगुडा पाइपलाइन परियोजना भी शमिल है।
मई 2026 के दौरान 35 अतिरिक्त परियोजनाओं को पैमाना निगरानी प्रणाली में शामिल किया गया। ये परियोजनाएँ सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, रेलवे मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय से संबंधित हैं।
इनमें 29,344.85 करोड़ रुपये की लागत वाली तेलंगाना थर्मल पावर (3गुणा 800 मेगा वाट) परियोजना की दूसरी इकाई , तथा आंध्र प्रदेश में रेलवे की निडदवोलु - दुव्वाडा के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की परियोजा (9,889.24 करोड़ रुपये), सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर एनएच 43 के पत्थलगांव- कुनकुरी खंड को चार लेन वाली बनाने की 3,147 करोड़ रुपये की परियोजना भी शामिल है।
रिपोर्ट के मुताबिक निगरानी के अंतर्गत कुल 42.50 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 1,987 परियोजनाओं में 21.82 लाख करोड़ रुपये का व्यय हो चुका था जो संशोधित लागत का 51.34 प्रतिशत है। मंत्रालय के अनुसार यह परियोजना के कार्यान्वयन में निरंतर प्रगति को दर्शाता है।
इस समय परिवहन और लॉजिस्टिक क्षेत्र की में सर्वाधिक 1,476 परियोजनाएँ चल रही हैं, जिनकी संशोधित लागत 23.50 लाख करोड़ रुपये है। मानिटरिंग के अंतर्गत रखी गयी 1,987 परियोजनाओं में 813 मेगा परियोजनाएं हैं जो 1,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाली हैं। मूल 31.58 लाख करोड़ रुपये की लागत की 1,174 प्रमुख परियोजनाएँ (150 करोड़ रुपये से 1,000 करोड़ रुपये तक लागत वाली) हैं।
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