तिरुअनंतपुरम , मई 27 -- केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य कॉमरेड पिनाराई विजयन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इस कार्रवाई की तीखी निंदा करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध के लिए केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का एक और प्रत्यक्ष उदाहरण बताया है।

पार्टी ने अपने आधिकारिक बयान में आरोप लगाया है कि जो नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को लगातार चुनौती देते हैं और संघ परिवार की राजनीति के आगे झुकने से इनकार करते हैं, उन्हें डराने-धमकाने, मीडिया ट्रायल और चुनिंदा जांच के जरिये निशाना बनाया जा रहा है। जब भाजपा अपने राजनीतिक विरोधियों को लोकतांत्रिक तरीके से नहीं हरा पाती तो वह उन्हें परेशान करने और उनकी आवाज दबाने के लिए ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों के छापों का सहारा लेती है।

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