भुवनेश्वर , जून 17 -- बीजू जनता दल (बीजद) ने ओडिशा को मिलने वाले केंद्रीय अनुदान में कथित कटौती पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से उठाने की मांग की है।

पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पूर्व मंत्री और बीजद विधायक अरुण कुमार साहू ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले ओडिशा को अधिक केंद्रीय सहायता दिलाने और राज्य को देश का नंबर एक राज्य बनाने का वादा किया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन वादों के विपरीत 15वें वित्त आयोग (2021-26) के तहत केंद्रीय करों के बंटवारे में ओडिशा की हिस्सेदारी 4.53 प्रतिशत थी, जिसे 16वें वित्त आयोग (2026-31) में घटाकर 4.42 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे राज्य को भारी वित्तीय नुकसान होगा।

श्री साहू ने दावा किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2024-25 में ओडिशा को 5,800 करोड़ रुपये मिलने थे, लेकिन राशि जारी नहीं की गयी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2025-26 में भी राज्य को इस योजना के तहत सहायता नहीं मिली।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत भी ओडिशा को हर साल करीब 6,000 करोड़ रुपये मिलने थे, लेकिन पिछले दो वर्षों में कोई राशि जारी नहीं की गयी।

बीजद नेता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री माझी राज्य के हितों से जुड़े इन मुद्दों को केंद्र के सामने प्रभावी ढंग से उठाने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सहायता में कमी और बजट के उपयोग में कमजोरी का असर राज्य के विकास कार्यों पर पड़ा है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में।

श्री साहू ने कहा कि भाजपा सरकार को ओडिशा के वैध अधिकारों के लिए केंद्र से अधिक वित्तीय सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए, अन्यथा जनता में असंतोष बढ़ सकता है।

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