रांची , जून 05 -- झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने संगठन में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा निर्णय लिया है।

केंद्रीय कार्यालय ने सभी शाखाओं, इकाइयों और वाहिनियों द्वारा केंद्रीय अंशदान की राशि नकद रूप में जमा करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। साथ ही लंबे समय से केंद्रीय अंशदान जमा नहीं करने वाली शाखाओं को कड़ी चेतावनी जारी की गई है।

इस संबंध में एसोसिएशन के प्रदेश कोषाध्यक्ष राकेश कुमार पाण्डेय ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर सभी शाखाओं के अध्यक्षों, सचिवों और कोषाध्यक्षों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि संगठन की वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए अब केवल बैंकिंग माध्यम से ही अंशदान स्वीकार किया जाएगा।

एसोसिएशन के संविधान का हवाला देते हुए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई शाखा, इकाई अथवा वाहिनी लगातार छह महीने तक केंद्रीय अंशदान की राशि जमा नहीं करती है, तो उसकी वैधता अथवा मान्यता समाप्त करने का प्रावधान है। केंद्रीय कार्यालय के अनुसार वर्तमान में कई शाखाओं का अंशदान लंबे समय से लंबित है, जिससे संगठनात्मक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

केंद्रीय कार्यालय ने सभी बकायेदार शाखाओं को अंतिम अवसर देते हुए निर्देश दिया है कि पत्र प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर वे अपना लंबित अंशदान झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अधिकृत बैंक खाते में जमा करें।

शाखाओं को यह भी कहा गया है कि राशि जमा करने के तुरंत बाद केंद्रीय कार्यालय से संपर्क कर भुगतान की प्राप्ति रसीद प्राप्त करना सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में कई शाखाओं द्वारा अंशदान की राशि नकद रूप में रांची स्थित केंद्रीय कार्यालय में जमा कराई जाती थी। अब इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी परिस्थिति में नकद राशि स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कोई पदाधिकारी या शाखा नकद राशि जमा करने का प्रयास करती है, तो उसे संगठन का अधिकृत अंशदान नहीं माना जाएगा, बल्कि निजी राशि के रूप में देखा जाएगा। ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी गड़बड़ी या विवाद के लिए संबंधित पदाधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।

एसोसिएशन के इस फैसले को संगठन में वित्तीय पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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