भुवनेश्वर , सितंबर 10 -- ओडिशा के केंद्रपाड़ा स्थित एक आश्रय गृह में नाबालिग के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न मामले के प्रकाश में आने के बाद ओडिशा सरकार ने राज्य के सभी बाल-देखभाल संस्थानों का तत्काल जिलावार निरीक्षण करने का आदेश दिया है।
इस निर्देश के तहत सरकारी एजेंसियों, गैर-सरकारी संगठनों, ट्रस्टों और धार्मिक या धर्मार्थ संस्थाओं द्वारा संचालित अनाथालयों, छात्रावासों, आश्रय गृहों तथा अनंतिम व गैर-पंजीकृत संस्थानों सहित बच्चों के रहने वाले हर केंद्र की जांच की जाएगी।
यह सख्त प्रशासनिक कदम केंद्रपाड़ा के एक सरकारी अनुदान प्राप्त आश्रय गृह में झारखंड की 16 वर्षीय जनजातीय लड़की के साथ हुए यौन उत्पीड़न की घटना के बाद उठाया गया है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता के चार महीने की गर्भवती पाए जाने पर इस जघन्य अपराध का खुलासा हुआ। मामले में एक चौकीदार और 13 वर्ष के एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है, जबकि वहां रह रहे बाकी बच्चों को दूसरे केंद्र में भेज दिया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त-सह-सचिव डॉ. मृणालिनी दर्शनवाल ने राज्य के सभी 30 जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि बाल सुरक्षा के लिए कानूनी प्रावधान पर्याप्त हैं, लेकिन उनके अनुपालन में ढिलाई हो रही है। उन्होंने जिलाधिकारियों को इस निरीक्षण अभियान की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने का निर्देश दिया है। सभी निरीक्षणों को डिजिटल रूप से दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है और कागजी निरीक्षण व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
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