हैदराबाद , नवंबर 01 -- राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (बीसी) कल्याण संघ के अध्यक्ष आर कृष्णैया ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी से मियापुर में 500 एकड़ सरकारी जमीन की नीलामी न करने और इसके बजाय इसका उपयोग बेघर गरीबों के आवास तथा छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों के लिए स्थायी भवनों के निर्माण में करने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में श्री कृष्णैया ने बेघर और भूमिहीन परिवारों के आवास के लिए 200 एकड़ जमीन आवंटित करने का सुझाव दिया। उन्होंने ध्यान दिलाया कि ग्रेटर हैदराबाद में लगभग छह लाख परिवारों के पास एक वर्ग गज जमीन भी नहीं है और वे किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं।

शेष 300 एकड़ जमीन में से उन्होंने बीसी, एससी और एसटी छात्रों के सरकारी कॉलेज छात्रावासों के लिए 100 एकड़ और आवासीय विद्यालयों (गुरुकुलों) के स्थायी भवनों के लिए 200 एकड़ जमीन आवंटित करने का प्रस्ताव रखा।

उन्होंने उल्लेख किया कि ग्रेटर हैदराबाद में लगभग 100 बीसी महाविद्यालय छात्रावास और 70 बीसी आवासीय विद्यालय किराए के भवनों में चल रहे हैं, जिससे किराए पर भारी वार्षिक खर्च हो रहा है।

श्री कृष्णैया ने कहा कि स्थायी सुविधाओं के निर्माण के लिए केंद्र सरकार, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) की पहलों और कॉर्पोरेट संगठनों से धन जुटाया जा सकता है।

उन्होंने तर्क दिया कि समर्पित भवन उपलब्ध कराने से छात्रों के लिए शैक्षणिक सुविधाओं और जीवन स्तर में सुधार होगा, साथ ही किराए के परिसरों पर सरकार का बार-बार होने वाला खर्च भी कम होगा।

जमीन को सरकारी संपत्ति घोषित करने वाले उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि लामी करने के बजाय इसका इस्तेमाल जन कल्याण के लिए किया जाना चाहिए।

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