नयी दिल्ली , मार्च 10 -- सरकार ने कहा है कि देश में कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं और प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के माध्यम से पूरे देश में कृषि को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना देश के 100 जिलों में लागू है लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार ने चार जिलों में इस योजना को लागू नहीं किया है इसलिए यह योजना अभी सिर्फ 96 जिलों तक ही सीमित रह गई है। उनका कहना था कि पश्चिम बंगाल सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है और उसे किसानों की मदद करते हुए तत्काल इस योजना को लागू करना चाहिए।

श्री चौहान ने कहा कि चावल के उत्पादन में भारत दुनिया में चीन को पीछे छोड़कर नंबर एक हो गया है। देश में गेहूं, सोयाबीन, मूंगफली आदि का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है।उनका कहना था कि जिलों और राज्यों में उत्पादन में जो अंतर है, कहीं उत्पादन कम हो रहा है और कहीं ज्यादा हो रहा है, इस स्थिति में औसत उत्पादन के लिए धन-धान्य कृषि योजना शुरू की गई है। यह योजना देश के 100 जिलों में लागू कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि इसमें राज्य सरकारों से कहा गया है कि वह अपने प्रदेश में इस योजना में अन्य जिलों को भी शामिल कर सकती है। उन्होंने कहा कि किसानों को उर्वरकों में 1.40 लाख करोड रुपए की सब्सिडी दी गई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में किसानों का अलग पहचान पत्र बनाया जाएगा और हर किसान का अलग किसान पहचान पत्र होगा जिसमें उसके बारे में पूरी जानकारी इस आईडी में उपलब्ध कराई जाएगी। इस आईडी में यह भी विवरण होगा कि कौन किस किन-किन फसलों का उत्पादन कर रहा है।

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