मुरैना , अप्रैल 11 -- मध्यप्रदेश के चंबल संभाग के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क में भारतीय मूल की मादा चीता 'गामिनी' ने खुले जंगल में चार शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही पार्क में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 57 हो गई है, जिनमें 37 चीते भारतीय मूल के हैं।
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार यह पहली बार है जब भारत में जन्मी किसी मादा चीता ने खुले जंगल में शावकों को जन्म दिया है। वर्ष 2022 में शुरू हुए चीता पुनर्वास कार्यक्रम के बाद यह जंगल में दर्ज पहली सफल जन्म घटना मानी जा रही है। इससे संकेत मिलता है कि कूनो का वातावरण अब चीतों के लिए अनुकूल होता जा रहा है।
चीता प्रोजेक्ट के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि गामिनी पिछले एक वर्ष से अधिक समय से खुले जंगल में रह रही थी। इस दौरान उसने शिकार करना, अपना क्षेत्र निर्धारित करना और प्राकृतिक परिस्थितियों में खुद को बनाए रखना सीख लिया। शावकों का जन्म इस बात का प्रमाण है कि कूनो में चीतों का जीवनचक्र सामान्य रूप से आगे बढ़ रहा है।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर इस उपलब्धि को साझा करते हुए इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय परिस्थितियों में चीतों का सफल अनुकूलन और प्रजनन इस परियोजना की सफलता को दर्शाता है तथा इसमें जुटे पार्क प्रबंधन, चिकित्सकों और फील्ड स्टाफ के प्रयास सराहनीय हैं।
चीता पुनर्वास परियोजना का उद्देश्य देश में चीतों को पुनर्स्थापित करना, उनकी संख्या बढ़ाना और उन्हें प्राकृतिक वातावरण में विकसित करना है। गामिनी द्वारा जन्मे इन चार शावकों को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह प्रजनन जारी रहा तो आने वाले वर्षों में देश में चीतों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
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