कुशीनगर , अक्टूबर 29 -- कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। ओपीडी से लेकर भर्ती वार्डों तक में मरीजों को बेहतर देखभाल नहीं मिल पा रही है। दूर-दराज से इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कॉलेज प्रशासन बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने का दावा कर रहा है जबकि जमीनी हकीकत इसके विपरीत है।

मेडिकल कॉलेज में उपचार कराने के लिए हर रोज करीब 1500 से 2000 हजार मरीज आते हैं। जहां डॉक्टर ओपीडी में देखकर उचित सलाह व उपचार करते हैं लेकिन वर्तमान में ओपीडी से लेकर भर्ती वार्ड तक व्यवस्थाएं बदहाल हैं। एक तरफ ओपीडी में समय से डॉक्टरों के गैर मौजूद रह रहे तो वहीं भर्ती वार्डों में समय से मरीजों का मरहम पट्टी तक नहीं हो पा रहा है। इसके कारण मरीजों व तीमारदार दोनों को फजीहत झेलनी पड़ी है। यह तस्वीर नवजात एवं शिशु रोग विभाग, मानसिक रोग विभाग से लेकर हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में गुरुवार को पड़ताल में सामने आई।

नई बिल्डिंग में बने वार्डों में भी भर्ती मरीजों को भी बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। यह भर्ती मरीज ही बता रहे हैं। गुरुवार को मेडिसिन विभाग के जनरल वार्ड में भर्ती सुभासी देवी ने बताया कि समय से समय से डॉक्टर राउंड नहीं कर रहे हैं। इससे दिक्कत हो रही है। इसके अलावा सर्जरी व हड्डी वार्ड में भर्ती रंभा देवी ने बताया कि समय से मरहम पट्टी आदि भी नहीं हो रहा है।

इस संबंध में मेडिकल कॉलेज कुशीनगर के प्राचार्य डा के पी गौड़ ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर जारी है। मरीज के परेशानियों को जाना जा रहा है। सुविधाओं के अनुसार ईलाज जारी है।

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