कुशीनगर , जुलाई 15 -- नेपाल के तराई एवं जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण नारायणी (बड़ी गंडक) नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद कुशीनगर जिला प्रशासन ने बाढ़ को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है तथा नदी किनारे बसे गांवों और छितौनी तटबंध पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटबंधों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। संवेदनशील स्थलों पर कर्मचारियों की तैनाती बढ़ा दी गई है तथा कटानरोधी कार्यों, बोल्डरों और स्परों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ की आशंका के मद्देनजर नावों, राहत सामग्री, पेयजल, चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एसडीआरएफ एवं अन्य आपदा राहत एजेंसियों को भी अलर्ट रहने को कहा गया है। प्रशासन ने नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे नदी के तेज बहाव वाले हिस्सों में जाने से बचें तथा जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें। बड़ी गंडक के बढ़ते जलस्तर से कुशीनगर के अलावा महाराजगंज और देवरिया के निचले इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ने की आशंका जताई गई है।

महाराजगंज जिले के निचलौल और सिसवा विकासखंड के गंडक तटीय गांवों, विशेषकर शिकारपुर, भोथहा, बसही और सोहगीबरवा में जलभराव एवं कटान की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। इसी प्रकार देवरिया जिले के निचले इलाकों पर भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। एहतियाती कदम उठाते हुए खड्डा तहसील प्रशासन ने नारायणी नदी में अगले आदेश तक नाव संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। पनियहवा पुल पर नोटिस बोर्ड लगाकर लोगों को इसकी जानकारी भी दी गई है।

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह ने बताया कि बीते 24 घंटे से नारायणी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार सुबह छह बजे बैराज से 1,69,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो सुबह आठ बजे बढ़कर 1,71,900 क्यूसेक, दस बजे 1,88,400 क्यूसेक, दोपहर 12 बजे 2,04,800 क्यूसेक, दोपहर दो बजे 2,16,400 क्यूसेक तथा अपराह्न तीन बजे 2,19,300 क्यूसेक तक पहुंच गया।

उन्होंने बताया कि भैंसहा गेज पर अपराह्न तीन बजे नदी का जलस्तर 95.380 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु से 38 सेंटीमीटर ऊपर है। विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि डिस्चार्ज में वृद्धि जारी रही तो रात तक दियारा क्षेत्र के गांवों में पानी पहुंच सकता है।

इस बीच मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह एवं अधीक्षण अभियंता जयप्रकाश सिंह ने बुधवार को छितौनी तटबंध स्थित संवेदनशील वीरभार ठोकर का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने लगभग सात करोड़ रुपये की लागत से कराए गए बाढ़ सुरक्षा कार्यों की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ने बरसात के कारण क्षतिग्रस्त और कीचड़युक्त पहुंच मार्ग पर तत्काल राबिश डलवाने के निर्देश भी दिए।

मुख्य अभियंता ने कहा कि नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटबंधों, ठोकरों और अन्य बाढ़ सुरक्षा संरचनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।

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