कुशीनगर , सितम्बर 26 -- कुशीनगर जिले में गंडक नदी का डिस्चार्ज तीन लाख क्यूसेक से ऊपर पहुंच गया है। डिस्चार्ज बढने से तटवर्ती गांवों में चिंता बढ गई है वहीं जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है।
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क है। बांधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। वाल्मीकिनगर बैराज से शनिवार को पानी का डिस्चार्ज शाम 4 बजे तीन लाख 400 क्यूसेक पहुंच गया। नेपाल में बाढ़ से सतर्क रहने की अपील वाला वीडियो वायरल होने से तटवर्ती गांवों में चिंता बढ़ गई है।
गंडक नदी के बढ़ते डिस्चार्ज के बीच छितौनी तटबंध के विभिन्न हिस्सों में 300 से अधिक रेनकट लोगों की चिंता बढ़ाने वाले हैं। वहीं, एपी तटबंध के एक ठोकर के नोज के धंसने की सूचना है। गंडक नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच एपी बांध के किमी 3.500 पर स्पर का नोज करीब 20 मीटर कटकर नदी में समा गया है। एपी तटबंध पर अहिरौलीदान के कचहरी टोला, नोनिया टोला व खैरखूंटा के अलावा बाघाचौर, जवही दयाल की चैनपट्टी, बीरवट कोन्हवलिया और नरवाजोत के किमी 1.700 के आसपास भी नदी का दबाव बढ़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गंडक नदी के जल स्तर में बढोत्तरी से कई स्थानों पर कटान तेज हो रहा है। दोपहर कुशीनगर जिले के अपर जिलाधिकारी पवन कुमार ने खड्डा क्षेत्र का दौरा किया। जहाँ पर निचले स्थानों पर बसे लोगों से सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के निर्देश अपने अधिनस्थ कर्मचारियों को दिया। खड्डा ब्लॉक के महादेवा के पास गंडक नदी की धारा गांवों से सटकर बह रही है।
इस संबंध में एसडीओ दीप रतन सिंह ने बताया कि शुक्रवार को दोपहर बाद नदी के डिस्चार्ज 104,000 रहा । जो आज शनिवार के शाम को 4 बजे गंडक नदी का डिस्चार्ज 3,00,400 पहुचने पर पानी का दबाव बंधों पर पड़ा है। सिंचाई विभाग की टीमें तटबंधों और ठोकरों की निगरानी कर रही है। फिलहाल नदी का तटबंध पर कोई खतरा नहीं है। गंडक नदी के डिस्चार्ज में पिछले दो दिनों में तेजी से चढ़ाव दर्ज किया गया।स्पर के नोज के प्रभावित हिस्से की मरम्मत करा दी गई है।
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