श्रीनगर , अगस्त 01 -- दक्षिण कश्मीर के कुलगाम ज़िले में बाहरी मज़दूरों पर हुए आतंकी हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। शुक्रवार शाम श्रीनगर के एक अस्पताल में घायल दूसरे मज़दूर की भी मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
आतंकवादियों ने कुलगाम के केलम इलाके में छत्तीसगढ़ के दो बाहरी मज़दूरों पर गोलीबारी की थी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए पहले अनंतनाग के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) ले जाया गया था। यह हमला 22 जुलाई को दक्षिण कश्मीर में दिन-दहाड़े एक आतंकवादी द्वारा एक पुलिसकर्मी की करीब से गोली मारकर हत्या किए जाने के 10 दिन से भी कम समय में हुआ है; इस तरह 10 दिनों के भीतर इस इलाके में यह दूसरा ऐसा हमला है।
घायल मज़दूरों में से एक, छत्तीसगढ़ के रहने वाले 24 वर्षीय दीपक रात्रे की जीएमसी अनंतनाग में मौत हो गई।
दूसरे घायल मज़दूर, छत्तीसगढ़ के ही रहने वाले 28 वर्षीय भूपिंदर को गंभीर हालत में विशेष इलाज के लिए कश्मीर के प्रमुख अस्पताल-शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज सौरा-रेफर किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि बाद में इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
सूत्रों ने बताया कि ये दोनों मज़दूर करीब एक महीने पहले अन्य मज़दूरों के साथ इलाके में एक ईंट भट्ठे पर मज़दूरी का काम करने आए थे।
उन्होंने बताया कि आम कपड़ों में आए एक आतंकवादी ने मज़दूरों के पास जाकर उनसे सामान्य बातचीत की और फिर उन पर गोलीबारी शुरू कर दी।
कश्मीर में बाहरी मज़दूरों पर लगभग दो साल में यह पहला हमला था। 18 अक्टूबर 2024 को, दक्षिण कश्मीर के शोपियां ज़िले के वाची इलाके में अज्ञात उग्रवादियों ने बिहार के बांका ज़िले के रहने वाले 30 वर्षीय अशोक चौहान की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस हमले के बाद, जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुरक्षा बलों को अभियान तेज़ करने और आतंकवादियों को खत्म करने का निर्देश दिया।
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