बेंगलुरु , जनवरी 15 -- केंद्रीय मंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वे राज्य की राजनीति से खुद को दूर नहीं करेंगे और राज्य में उनकी भविष्य की राजनीतिक भूमिका यहां के लोग तय करेंगे।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे सक्रिय राजनीतिज्ञ में हैं। उन्होंने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि वे राज्य की राजनीति से दूर जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं राजनीति में हूं और राज्य के लोग तय करेंगे कि मुझे कहां होना चाहिए। उनकी इच्छाओं के आधार पर मैं तय करूंगा कि राज्य की सक्रिय राजनीति में कब लौटना है।"राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का उल्लेख करते हुए श्री कुमारस्वामी ने कहा कि उनकी पार्टी राजग का अभिन्न हिस्सा है। गठबंधन में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। उन्होंने गठबंधन सहयोगियों के बीच स्पष्टता और एकजुटता की आवश्यकता को रेखांकित किया, "हमारा उद्देश्य राज्य में एक अच्छी सरकार लाना है। यह मेरी निजी इच्छा है।"मंत्री ने कहा कि राज्य प्रशासन के कार्यकलाप पर उनकी करीबी नजर हैं और दोहराया, "लोगों को एक स्थिर और कुशल सरकार की जरूरत है। एक अच्छी सरकार आनी चाहिए, ताकि लोग शांति से रह सकें। राज्य के लोग मेरे लिए जो भी स्थान तय करें, मैं उसे स्वीकार करूंगा। यह मेरे हाथ में नहीं है।"एक प्रश्न के जवाब में श्री कुमारस्वामी ने कहा, "राज्य की राजनीति से हटने का सवाल ही नहीं है। अगर कोई सोचता है कि मैं राज्य की राजनीति से दूर जा रहा हूं, तो यह गलत है। मैं राज्य की राजनीति में सक्रिय रहूंगा। केंद्र में प्रधानमंत्री ने मुझे दो मंत्रालयों की जिम्मेदारियां सौंपी हैं और मैं उन्हें ईमानदारी से निभा रहा हूं। मैं तय करूंगा कि राज्य की राजनीति में पूरी तरह कब लौटना है। इससे बचने का कोई रास्ता नहीं है।"अधिकारियों के कथित उत्पीड़न पर श्री कुमारस्वामी ने चिंता जतायी और कहा कि कांग्रेस सरकार के कर्नाटक सत्ता में आने के बाद से यह बढ़ता हुआ चलन है। शिदलाघट्टा घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वे पहले ही इसे मुख्य सचिव के संज्ञान में लाये हैं, लेकिन अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
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