विशाखापत्तनम , मार्च 23 -- केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने सोमवार को विशाखापत्तनम स्टील संयत्र (वीएसपी) की कॉर्पोरेट इकाई राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के पुनरुद्धार और विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी।
विशाखापत्तनम स्टील संयत्र की व्यापक समीक्षा करने के बाद श्री कुमारस्वामी ने राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा के साथ कोक ओवन बैटरियों, ब्लास्ट फर्नेस और वायर रॉड मिल सहित प्रमुख सुविधाओं का दौरा किया और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों के समर्पण की सराहना की और संयत्र के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए, इस वर्ष इसके उत्पादन के बेहतरीन स्तरों का विशेष रूप से उल्लेख किया।
ब्लास्ट फर्नेस-3 का निरीक्षण करने के दौरान उन्होंने कर्मचारियों की लगन की सराहना की और आरआईएनएल को देश के सबसे बेहतरीन स्टील प्लांट में से एक बनाने का भरोसा जताया। बाद में मुख्य महाप्रबंधक (सीएमडी) मनीष राज गुप्ता और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की, जिसमें उत्पादन को बेहतर बनाने, काम-काज की कुशलता, पर्यावरण के अनुकूल उपायों और कच्चे माल की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया गया।
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत के स्टील क्षेत्र में आरआईएनएल की एक बहुत ही अहम जगह है, और उन्होंने क्षमता का पूरा इस्तेमाल करने, कच्चे माल की आपूर्ति पक्की करने और तकनीकी-आर्थिक कुशलता को बढ़ाने के लिए समय-सीमा तय करके कदम उठाने की अपील की। उन्होंने काम-काज को सुचारू रूप से चलाने के लिए कड़ी निगरानी, जवाबदेही और सबसे अच्छे तरीकों को अपनाने पर ज़ोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न के अनुरूप श्री कुमारस्वामी ने कहा कि सरकार 2030 तक 3000 लाख टन स्टील उत्पादन क्षमता हासिल करने, 2070 तक शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य तक पहुँचने और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत 'विकसित भारत 2047' के बड़े लक्ष्य को पाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
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