नैनीताल , सितंबर 27 -- उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में लगातार हो रही बारिश के बीच रविवार को भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाओं ने मुश्किलें बढ़ा दीं।
पिथौरागढ़ में मुन्ना बैंड के पास भूस्खलन से सड़क बाधित होने पर राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ) ने मोर्चा संभाला और रोप के जरिए सुरक्षित रास्ता बनाकर करीब 500 यात्रियों को सकुशल सड़क के दूसरी ओर पहुंचाया, वहीं नैनीताल के चोरगलिया में पेड़ गिरने से दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाकर मकानों के भीतर मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिथौरागढ़-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाट के समीप मुन्ना बैंड पर पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा आने से यातायात बाधित हो गया। सूचना पर उप निरीक्षक डूंगर सिंह अधिकारी के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची। सड़क के संवेदनशील हिस्से को पार करना मुश्किल होने पर सड़क के दूसरी ओर सैकड़ों लोग एकत्र हो गये। एसडीआरएफ जवानों ने रोप के माध्यम से यात्रियों को सावधानीपूर्वक एक-एक कर सड़क के दूसरी ओर पहुंचाया।
एसडीआरएफ का दावा है कि करीब 500 यात्रियों को सुरक्षित आर-पार कराया गया। हालांकि बाद में सड़क मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया और आवागमन सामान्य हो गया।
जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगाई ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मुन्ना बैंड के स्थायी उपचार के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) स्वीकृत हो चुकी है और टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
नैनीताल जिले के चोरगलिया क्षेत्र में भी भारी बारिश के बीच लाखनमंडी में आम का पेड़ गिरने से दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना मिलते ही चोरगलिया पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
बताया जा रहा है कि पेड़ गिरने से अतीक अहमद के मकान में रखा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। एक अन्य मकान पर पेड़ गिरने से हरीश राम और उसकी 18 वर्षीय पुत्री मुस्कान चोटिल हो गए।
पुलिस की ओर से मौके पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया। इसके अलावा चंपावत, बागेश्वर और अल्मोड़ा के रानीखेत में कई जगह पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से लोगों को अधिक परेशानी नहीं हुई।
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