मुक्तसर , जनवरी 12 -- छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने सोमवार को कहा कि कुछ अपवादों से परे कांग्रेस पार्टी हमेशा सामूहिक नेतृत्व के तहत ही चुनाव लड़ती आयी है।
श्री बघेल ने आज यहां 'मनरेगा बचाओ संग्राम' रैली से पहले आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस पार्टी आमतौर पर चुनावों से पहले मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं करती है। चुनाव जीतने के बाद निर्वाचित विधायक अपना नेता चुनते हैं और अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान की ओर से लिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों पर काम करती है। उन्होंने जोर दिया कि पंजाब की जड़ें गहराई से धर्मनिरपेक्ष हैं और यहां जाति या सांप्रदायिक तत्वों का कोई प्रभाव नहीं है। इसलिए सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने का फैसला किसी जाति या अन्य कारणों से नहीं लिया गया है।
उन्होंने दावा किया कि 'मनरेगा बचाओ संग्राम' रैलियों में लोगों की भारी भागीदारी और 2024 के लोकसभा चुनावों के नतीजे इस बात का प्रमाण हैं कि पंजाब में कांग्रेस एक बार फिर मजबूत स्थिति में लौट रही है।
माघी मेले के दौरान इस वर्ष कांग्रेस की ओर से राजनीतिक सम्मेलन आयोजित न करने के सवाल पर श्री बघेल ने कहा कि 2017 से 2022 तक कांग्रेस सरकार के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा माघी मेले के पवित्र अवसर पर राजनीतिक सम्मेलनों पर रोक लगाने संबंधी आदेश जारी किया गया था, जिसका कांग्रेस ने पूरी तरह पालन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिरोमणि अकाली दल ने समय-समय पर श्री अकाल तख्त साहिब का अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल किया है।
पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए श्री बघेल ने कहा कि पार्टी सरकारी फंडों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए कर रही है, जो कि गंभीर जांच का विषय है।
इस मौके पर पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि पिछले पांच दिनों के दौरान कड़ाके की ठंड के बावजूद पार्टी कार्यक्रमों को जनता का भरपूर समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल होने तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।
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