देहरादून , फरवरी 27 -- उत्तराखण्ड विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात सुनील राठी गैंग के सक्रिय दो सदस्यों को देहरादून से गिरफ्तार कर उनके पास से दो अवैध पिस्टल और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पकड़े गए अभियुक्त में से एक उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित मुख्तार अंसारी और संजीव जीवा गिरोह का शूटर रहा है। दोनों बदमाश उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने शुक्रवार को बताया कि बाहरी राज्यों के संदिग्ध आपराधिक तत्वों की तलाश को चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के अंतर्गत, एसटीएफ टीम द्वारा कल देर रात्रि भानू चौधरी पुत्र आलोक कुमार निवासी मील्स न्यू कॉलोनी, थाना सदर, जिला सहारनपुर तथा पारस पुत्र जगपाल सिंह निवासी प्रेमपुरी थाना कोतवाली, जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश को दो अवैध पिस्टल एवं सात कारतूस व स्कार्पियो वाहन के साथ गिरफ्तार किया गया है। तत्पश्चात इनके विरूद्ध थाना राजपुर, देहरादून में विभिन्न धाराओं और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

श्री सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान प्रकाश में आया कि अभियुक्त पारस पूर्व में मुख्तार असांरी और संजीव जीवा गैंग का प्रमुख शूटर रहा है। उन दोनो की मृत्यु के बाद वह सुनील राठी गैंग में शामिल हो गया और राठी के इशारे पर हरिद्वार और देहरादून की बेशकीमती विवादित भूमियों में हस्तक्षेप कर उनके लिए धन उगाई कर रहा था। उन्होंने बताया कि इससे बरामद मोबाइल फोन के अध्ययन से भी इसके निरन्तर पौड़ी जेल में सुनील राठी से सम्पर्क होने की जानकारी प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त यह सुनील राठी से जेल में मुलाकातों पर भी गिरफ्तार अन्य सदस्य भानू के साथ पौड़ी जेल जाता रहा है। उन्होंने बताया कि पूछताछ में हरिद्वार के एक विवादित प्रोपर्टी डीलर, जो पूर्व में हत्या के मामले में जेल गया है, का नाम भी प्रकाश में आया है,जो निरन्तर सुनील राठी के सम्पर्क में था। देहरादून व हरिद्वार के कुछ व्यापारियों को इन सदस्यों द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा था लेकिन राठी के भय के कोई शिकायतकर्ता सामने नही आया। इस प्रकरण में कहां-कहां घटना के तार जुड़े है, की जानकारी की जा रही है।

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