देहरादून , फरवरी 20 -- उत्तराखंड राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की महानिरीक्षक (आइजी) निवेदिता कुकरेती ने शुक्रवार को जौलीग्रांट स्थित वाहिनी मुख्यालय में विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण करते हुए संसाधनों, व्यवस्थाओं तथा आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन तैयारियों की गहन समीक्षा की। साथ ही, उन्होंने जागरूकता आधारित कॉमिक बुक का विमोचन भी किया।

इस दौरान श्रीमती कुकरेती ने यहां प्रशिक्षण, संचार, स्टोर, क्वार्टर गार्द, डॉग स्क्वाड, पेट्रोल पंप सहित अन्य प्रशासनिक इकाइयों का निरीक्षण कर, उपलब्ध रेस्क्यू उपकरणों, आपदा राहत सामग्री एवं लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं की कार्यक्षमता का परीक्षण किया। साथ ही एसडीआरएफ की सीएसएसआर टीम का प्रदर्शन भी देखा। टीम द्वारा भूकंप अथवा भवन ध्वस्त होने की स्थिति में खोज एवं बचाव की प्रक्रियाओं, अत्याधुनिक कटिंग एवं ब्रेकिंग टूल्स, ब्रीचिंग उपकरणों, सर्च कैमरा तथा पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकालने की तकनीकों का प्रभावी एवं व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। उन्होंने टीम की तकनीकी दक्षता, आपसी समन्वय एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता की प्रशंसा की। उन्होंने टीम को निर्देशित किया कि नियमित रूप से यथार्थपरक मॉक ड्रिल आयोजित की जाए, उपकरणों का समय-समय पर रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण को और अधिक उन्नत किया जाए।

आइजी ने आगामी आपदा एवं मानसून सीजन को दृष्टिगत रखते हुए सभी इकाइयों को सदैव सतर्क, संसाधन-संपन्न एवं त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, मॉक ड्रिल की नियमितता तथा आधुनिक उपकरणों के कुशल उपयोग पर विशेष बल देते हुए कहा कि एसडीआरएफ की दक्षता ही आपदा के समय आमजन की सुरक्षा का मजबूत आधार है।

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