बैतूल , अक्टूबर 12 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आदिवासी बहुल कुकरू क्षेत्र में कॉफी उत्पादन के विस्तार की संभावनाएं तलाशने के लिए केंद्रीय कॉफी बोर्ड की तीन सदस्यीय टीम ने सर्वे शुरू किया है। टीम यहां की जलवायु, कॉफी की उपयुक्त किस्मों, तकनीकी जरूरतों और आवश्यक अधोसंरचना का आकलन कर अपनी रिपोर्ट और सुझाव देगी।

कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के प्रयासों से बैतूल पहुंची टीम ने स्थानीय प्रशासन के साथ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक की। इसमें कॉफी उत्पादन, निर्यात, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर चर्चा हुई। टीम में केंद्रीय कॉफी अनुसंधान संस्थान के संयुक्त निदेशक एन. नंदगोपाल, डिवीजनल हेड डॉ. रौद्रगोड़ा और डॉ. सोमानाथगोड़ा शामिल हैं।

बैठक में कुकरू की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप रोबस्टा और अरेबिका किस्मों की खेती की संभावनाओं पर विचार किया गया। कलेक्टर ने कहा कि विशेषज्ञों के सर्वे और तकनीकी सुझावों से क्षेत्र में कॉफी उत्पादन को व्यवस्थित रूप से बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन किसानों को आवश्यक सहयोग, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक खेती का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा।

कॉफी उत्पादन बढ़ने से स्थानीय किसानों की आय और रोजगार के अवसरों में वृद्धि की संभावना है। इससे कुकरू में कृषि आधारित पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिल सकता है। बैठक में डीएफओ अरिहंत कोचर, वन विभाग के एसडीओ ध्रुव श्रीवास्तव, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक तथा उद्यानिकी विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

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