धार , अगस्त 30 -- मध्यप्रदेश के धार जिले के ग्राम लौंगसरी में एक सूखे कुएं में फंसे सियार को 12 दिन बाद वन विभाग की टीम ने सुरक्षित बाहर निकालकर जंगल में छोड़ दिया। सियार के कुएं में गिरने के बाद एक शिक्षक ने लगातार 12 दिनों तक उसे भोजन उपलब्ध कराया, जिससे उसकी जान बच सकी।

जानकारी के अनुसार 18 अगस्त को पानी की तलाश में आया सियार शिक्षक लक्ष्मण एसके के खेत में बने सूखे कुएं में गिर गया था। अगले दिन शिक्षक जब खेत पहुंचे तो उन्होंने सियार को कुएं के भीतर बने मोटर घर में बैठे देखा। सियार के आक्रामक होने की आशंका के चलते ग्रामीण कुएं में उतरने से डर रहे थे।

ऐसे में शिक्षक ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सियार को बचाने का प्रयास शुरू किया। उन्होंने प्रतिदिन रस्सी के सहारे कुएं में रोटियां और अन्य खाद्य सामग्री पहुंचाई। इस तरह करीब 12 दिनों तक सियार को नियमित भोजन मिलता रहा।

इसके बाद शिक्षक ने वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सियार को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। पहले कुएं में खाट डालकर उसे बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद वनकर्मी रस्सी के सहारे कुएं में उतरा और सावधानीपूर्वक सियार के पैर में रस्सी बांधकर उसे बाहर निकाला गया।

कुएं से बाहर निकलते ही फंदा खोला गया, जिसके बाद सियार तेजी से पास के जंगल की ओर चला गया। वन विभाग की टीम ने बताया कि सियार को सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया है।

रेस्क्यू अभियान में वनपाल सुनील बघेल, देवी सिंह चौगड़, वनरक्षक विजयेंद्रपाल सिंह अजनारिया, भारत रावत, शरद सोलंकी, वन सेवक वेस्ता मंडलोई, बाल सिंह, विक्की और कंप्यूटर ऑपरेटर नवल चौहान का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ग्रामीणों ने सियार की जान बचाने के लिए शिक्षक तथा वन विभाग की टीम की सराहना की।

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