हरिद्वार , मई, 18 -- उत्तराखंड में कुंभ मेला 2027 को तकनीकी दृष्टि से अधिक सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में मेला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। 14 जनवरी से 20 अप्रैल 2027 तक आयोजित होने वाले विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक समागम में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को निर्बाध मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए दूरसंचार विभाग और प्रमुख मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों के सहयोग से विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

कुंभ मेला क्षेत्र में इस बार स्थायी सेल्युलर टावरों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ बड़ी संख्या में "सेल ऑन व्हील" और "स्मॉल सेल" टावर स्थापित किए जाएंगे, ताकि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें।

मेलाधिकारी सोनिका ने दूरसंचार विभाग और मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर कुंभ मेले के दौरान संभावित भारी भीड़ को देखते हुए संचार सेवाओं की क्षमता वृद्धि और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व कुंभ मेलों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार संचार व्यवस्थाओं को अधिक मजबूत, आधुनिक और व्यवस्थित बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कुंभ नगरी के सभी सेक्टरों में पर्याप्त संख्या में अस्थायी मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे तथा सभी तकनीकी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी। इसके लिए मेला प्रशासन और दूरसंचार विभाग की संयुक्त टीम संभावित स्थलों का निरीक्षण कर उपयुक्त स्थानों का चयन करेगी।

सोनिका ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ मेला क्षेत्र के सभी सेक्टरों से संबंधित बेसलाइन डाटा और संभावित भीड़ का विस्तृत विवरण एक सप्ताह के भीतर दूरसंचार विभाग को उपलब्ध कराया जाए, ताकि उसी आधार पर प्रभावी दूरसंचार योजना तैयार की जा सके।

मोबाइल टावरों की स्थापना और अन्य तकनीकी कार्यों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए अपर मेलाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक (संचार) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट संचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दूरसंचार विभाग और टेलीकॉम कंपनियों को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।

दूरसंचार विभाग के अपर महानिदेशक अमित रावत ने बताया कि मेला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले बेसलाइन डाटा और संयुक्त निरीक्षण के आधार पर आगामी 10 जून तक विस्तृत दूरसंचार योजना तैयार कर प्रस्तुत कर दी जाएगी।

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