जालौन , अप्रैल 27 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में सोमवार को राष्ट्रीय एग्रो इनपुट डीलर्स के आह्वान पर उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर देशव्यापी सांकेतिक हड़ताल का समर्थन किया। व्यापारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा। एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन (एआईडीए) के जिला अध्यक्ष कृष्णपाल सिंह ने बताया कि संगठन देशभर के लाखों व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करता है, जो पिछले दस वर्षों से नीतिगत और व्यावहारिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उर्वरक कंपनियों द्वारा जबरन लिंकिंग, गैर-अनुदानित उत्पादों की अनिवार्य बिक्री और रेलहेड से डिलीवरी जैसी व्यवस्थाएं व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही हैं।

ज्ञापन में मांग की गई है कि उर्वरकों की एफओआर (फ्री ऑन रोड) आपूर्ति डीलर के विक्रय केंद्र तक सुनिश्चित की जाए तथा डीलर मार्जिन बढ़ाकर कम से कम 8 प्रतिशत किया जाए। 'साथी' पोर्टल को ग्रामीण खुदरा विक्रेताओं के लिए वैकल्पिक बनाने, एचटीबीटी बीज नीति में सुधार तथा अवैध बीजों की बिक्री पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई।

इसके अलावा सीलबंद उत्पादों में गड़बड़ी पाए जाने पर विक्रेता को दोषी न मानकर गवाह का दर्जा देने, एक्सपायर्ड कीटनाशकों की वापसी अनिवार्य करने तथा लाइसेंस निलंबन की स्थिति में 21 दिन के भीतर स्वतः बहाली का प्रावधान लागू करने की मांग भी की गई।

संगठन ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो खरीफ सीजन से पहले अनिश्चितकालीन बंद किया जाएगा, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

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