पटना , सितंबर 02 -- पटना उच्च न्यायालय ने कहा है कि कोरोना की जांच किसी अनधिकृत प्रयोगशाला में होने के आधार पर कोविड-19 मुआवजे से किसी शोकाकुल परिवार को वंचित नहीं किया जा सकता है।
न्यायमूर्ति आलोक कुमार ने कोविड-19 से संबंधित आठ याचिकाकर्ताओं के खारिज किए गए दावों पर अपने फैसले में बिहार सरकार के अधिकारियों को चार सप्ताह के भीतर इस मामले में पुनर्विचार करने के निर्देश दिए हैं।
इस मामले में याचिकाकर्ताओं के परिवार के सदस्यों की मौत अप्रैल और मई 2021 के दौरान हुई थी। यह मामला मोकामा तथा मरांची का है, जब महामारी की दूसरी लहर अपने चरम पर थी ।
राज्य स्तरीय समितियों ने बिहार कोविड सहायता योजना-2022 के तहत इन परिवारों के आवेदन केवल प्रशासनिक आधार पर दो बार खारिज कर दिए थे।
अधिकारियों का तर्क था कि मोकामा स्थित जिस जांच केंद्र में कोरोना की जांच हुई थी, उसे आरटी-पीसीआर या रैपिड एंटीजन जांच के लिए राज्य सरकार से औपचारिक मान्यता प्राप्त नहीं थी।
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