भिवानी , सितंबर 15 -- हरियाणा के किसान सभा नेताओं ने कहा कि पिछले 10-12 दिनों से किसान तहसील और मंडल स्तर पर धरना-प्रदर्शन कर सरकार व प्रशासन को फसल नुकसान से अवगत करा रहे हैं। जिले में इस वर्ष बारिश सामान्य से काफी कम हुई है। नहरी सिंचाई का क्षेत्र सीमित है, जबकि ट्यूबवेलों का जलस्तर नीचे चला गया है। कई क्षेत्रों में भूमिगत पानी खारा होने के कारण किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि सूखे के कारण कपास, धान, मूंग, ग्वार और मूंगफली की करीब 80-90 प्रतिशत फसल बर्बाद हो चुकी है। बाजरे की फसल में भी 60-70 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।
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