जालंधर , सितंबर 20 -- अखिल भारतीय किसान महासभा के सम्मेलन पर रविवार को यहां देश भगत यादगार के शहीद भगत सिंह सभागार में विशाल किसान-मजदूर एकता रैली आयोजित की गई। इस रैली में पंजाब और पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में किसान-मजदूर शामिल हुए।

रैली को किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद राजा राम सिंह, माकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, आरएमपीआई के महासचिव मंगत राम पासला सहित विभिन्न किसान-मजदूर नेताओं ने संबोधित किया। राजा राम सिंह ने कहा कि किसान संगठन अपनी फसलों के लिए सी2 50 प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग के साथ-साथ उपजाऊ जमीन के बड़े पैमाने पर अधिग्रहण, पर्यावरण प्रदूषण और देश की खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के खिलाफ भी संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जालंधर में किसान संगठनों की एकजुटता देश के किसान आंदोलन को प्रोत्साहित करेगी।

दीपांकर भट्टाचार्य ने पंजाब के दो किसान संगठनों-जम्हूरी किसान सभा पंजाब और पंजाब किसान यूनियन-के अखिल भारतीय किसान महासभा में शामिल होने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे किसान और जन आंदोलनों को गति मिलेगी। उन्होंने केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों तथा पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए।

मंगत राम पासला ने कहा कि पंजाब से शुरू हुई किसान संगठनों की एकता की पहल देश के अन्य किसान-मजदूर संगठनों को भी एकजुट होने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए किसानों, मजदूरों, युवाओं और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक आंदोलन की आवश्यकता बताई।

रैली को जम्हूरी किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतनाम सिंह अजनाला, महासचिव कुलवंत सिंह संधू, ऑल इंडिया एग्रीकल्चर एंड रूरल लेबर एसोसिएशन के महासचिव धीरेंद्र झा, मध्य प्रदेश के किसान नेता डॉ. सुनीलम, मजदूर मुक्ति मोर्चा पंजाब के अध्यक्ष गोबिंद सिंह छाजली और ग्रामीण मजदूर सभा के अध्यक्ष दर्शन नाहर ने भी संबोधित किया। इस दौरान चिकित्सा सहायता शिविर लगाया गया और मंगत राम पासला द्वारा लिखी तथा भदौड़ संगीत मंडली द्वारा प्रस्तुत गजल भी जारी की गई।

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