अमरोहा , जुलाई 02 -- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में भारतीय किसान यूनियन के नेता डॉ. दिग्विजय भाटी को जिलाबदर किए जाने के विरोध में गुरुवार को हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मंगरौला स्थित गंगा एक्सप्रेसवे पुल के नीचे किसान संघर्ष महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में बड़ी संख्या में किसानों, युवाओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। वक्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे किसानों की आवाज दबाने का प्रयास बताया।

महापंचायत को संबोधित करते हुए पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर ने आरोप लगाया कि गांव, किसानों, खेतिहर मजदूरों और औद्योगिक गलियारे से जुड़े भूमि विवादों जैसे जनहित के मुद्दे उठाने वाले किसान नेता डॉ. दिग्विजय भाटी के विरुद्ध जिलाबदर की कार्रवाई प्रशासन द्वारा किसानों की आवाज दबाने की सोची-समझी कोशिश है।

उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि जिलाबदर की कार्रवाई पर पुनर्विचार करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाता है। यदि इस अवधि में कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन तेज करेगा। उन्होंने कहा कि वह स्वयं डॉ. भाटी के साथ हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रवेश कर व्यापक आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।

मुखिया गुर्जर ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए वर्ष 2019 के आदमपुर थाना क्षेत्र के चर्चित कथित फर्जी ऑनर किलिंग प्रकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस मामले में एक जीवित किशोरी को मृत दर्शाकर उसके पिता, भाई और अन्य परिजनों को हत्या के आरोप में जेल भेज दिया गया था, जबकि बाद में किशोरी जीवित मिली। उन्होंने कहा कि इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी अशोक कुमार शर्मा के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी हो चुका है तथा न्यायालय से कुर्की की अनुमति लेने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में नामजद अन्य 10 पुलिसकर्मियों को पूर्व में निलंबित किया जा चुका है।

महापंचायत में वक्ताओं ने इस प्रकरण का हवाला देते हुए डॉ. दिग्विजय भाटी के विरुद्ध की गई कार्रवाई को राजनीतिक प्रेरित बताते हुए इसे किसान आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास करार दिया।

उधर, प्रशासन ने अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि डॉ. दिग्विजय भाटी के विरुद्ध गुंडा एक्ट, सरकारी कार्य में बाधा डालने तथा कार से स्टंट करने सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इन्हीं मामलों के आधार पर क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी की मौजूदगी में हसनपुर पुलिस ने विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए मुनादी कराकर उन्हें छह माह के लिए जिला सीमा से निष्कासित किया है।

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