सीतापुर , जून 13 -- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में इंसान और पक्षी के बीच अनूठे प्रेम और विश्वास की मिसाल देखने को मिल रही है। जिले के खजुरिया गांव निवासी किसान रविंद्र और एक सारस पक्षी के बीच गहरी दोस्ती आज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्राम खजुरिया निवासी रविंद्र ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व उन्हें खेत में एक सारस का बच्चा घायल अवस्था में मिला था। उसकी टांग में गंभीर चोट लगी हुई थी। मानवता का परिचय देते हुए उन्होंने उसे अपने घर लाकर उपचार कराया। डॉक्टर से उसकी टांग पर पट्टी बंधवाई और उसके स्वस्थ होने तक उसकी पूरी देखभाल की। इस दौरान वह उसे रोटी और मछली खिलाते रहे।

रविंद्र के अनुसार, उपचार और देखभाल के दौरान उनके और सारस के बीच एक विशेष लगाव विकसित हो गया। धीरे-धीरे यह संबंध इतनी गहरी दोस्ती में बदल गया कि आज वह सारस, जिसे रविंद्र ने प्यार से "राजा" नाम दिया है, उनकी आवाज सुनते ही दौड़ा चला आता है।

उन्होंने बताया कि सारस के माता-पिता प्राकृतिक परिवेश में उसके साथ रहते हैं, लेकिन जैसे ही वह खेतों की ओर जाते हुए राजा को आवाज लगाते हैं, वह चाहे जहां भी हो, उनकी पुकार सुनकर उनके पास पहुंच जाता है। खेतों में काम के दौरान भी वह रविंद्र के आसपास ही टहलता रहता है। यदि रविंद्र दौड़ते हैं तो राजा भी उनके साथ दौड़ने लगता है।

रविंद्र का कहना है कि यह सब ईश्वर की कृपा है कि उन्हें एक घायल पक्षी की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, "जब सारस स्वस्थ हो गया तो उसने मुझे अपना साथी मान लिया और समय के साथ हमारी दोस्ती और गहरी होती चली गई।"रविंद्र ने स्पष्ट किया कि वह राजा को घर में बंद करके नहीं रखते हैं। सारस पूरी तरह प्राकृतिक वातावरण में अपने परिवार के साथ रहता है, लेकिन दोनों के बीच बना स्नेह और विश्वास का रिश्ता आज भी कायम है। इंसान और वन्य जीव के बीच प्रेम की यह अनोखी कहानी सीतापुर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कई टीवी चैनल भी इस अनूठी दोस्ती को अपने माध्यम से लोगों तक पहुंचा चुके हैं। यह घटना इस बात का संदेश देती है कि प्रेम, संवेदना और संरक्षण की भावना से इंसान और प्रकृति के बीच मजबूत रिश्ता स्थापित किया जा सकता है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित