मुंबई , जुलाई 02 -- महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रकांत बावनकुले ने गुरुवार को कहा कि सरकार किसानों को खेती के कामों के लिए सरकारी ज़मीन से रेत, पत्थर, मिट्टी और मुरूम जैसे छोटे खनिज बिना रॉयल्टी दिए निकालने की इजाज़त देगी।

श्री बावनकुले ने विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान इसकी घोषणा करते हुए कहा कि किसानों को 'बिना रॉयल्टी' के छोटे खनिज उपलब्ध कराने का मकसद खेती से जुड़े गैर-व्यावसायिक कामों (जैसे खेत की सड़कों की मरम्मत और ज़मीन को बेहतर बनाना) में किसानों का खर्च कम करना है। उन्होंने इसे किसान समुदाय के लिए एक बड़ी राहत बताया।

नए नियम के तहत, किसानों को सरकारी ज़मीन से , रेत, पत्थर, मिट्टी और मुरूम जैसे खनिज बिना रॉयल्टी दिए निकालने की इजाज़त होगी, बशर्ते कि इनका इस्तेमाल पूरी तरह से खेती से जुड़े गैर-व्यावसायिक कामों, जैसे खेत की सड़कों की मरम्मत और ज़मीन को बेहतर बनाने के लिए किया जाए। नयी नीति के अनुसार, किसानों को इजाज़त के लिए स्थानीय मंडल अधिकारी के पास आवेदन करना होगा। मंज़ूरी मिलने के बाद, किसान को ज़रूरी खनिज निकालने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित