भोपाल , मार्च 6 -- मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज शुक्रवार को भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्य सरकार की कृषि नीतियों और किसानों की स्थिति को लेकर तीखा हमला बोला। पत्रकार वार्ता में मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पैनलिस्ट अभय दुबे भी उपस्थित रहे।

पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा कृषि कल्याण वर्ष मनाने की बात की जा रही है, जबकि प्रदेश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर होने के बावजूद पिछले बीस वर्षों में किसानों को केवल वादों के सहारे रखा गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लंबे समय से खेती को लाभ का धंधा बनाने और किसानों की आय दोगुनी करने की बात करते रहे, लेकिन वास्तविकता यह है कि किसानों की आय दोगुनी होने के बजाय उनका कर्ज और आत्महत्याओं की घटनाएं बढ़ी हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रदेश के 97 प्रतिशत किसान कर्ज में डूबे हुए हैं और चुनाव के समय किसानों को दी गई तीन प्रमुख गारंटियां भी पूरी नहीं की गई हैं। सोयाबीन के लिए छह हजार रुपये प्रति क्विंटल, धान के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल और गेहूं के लिए 2700 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है।

पटवारी ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग में लगभग 60 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केंद्र से प्रदेश के हिस्से का पूरा पैसा भी नहीं ला पा रहे हैं और राज्य सरकार को जो राशि प्राप्त होती है उसका भी पूरा उपयोग नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए लगभग 44 हजार 891 करोड़ रुपये का प्रावधान था, लेकिन केंद्र सरकार ने करीब 32 हजार 678 करोड़ रुपये ही जारी किए। इसके अलावा राज्य सरकार को मिली राशि का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा खर्च नहीं हो पाया, जिससे करीब 17 हजार करोड़ रुपये अनुपयोगी रह गए।

पटवारी के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भी स्थिति चिंताजनक है। एक अप्रैल 2025 से 20 जनवरी 2026 तक केंद्र प्रायोजित योजनाओं में कुल प्रावधान के मुकाबले केवल लगभग 22 प्रतिशत राशि ही जारी की गई। उन्होंने कहा कि कई प्रमुख कृषि योजनाओं में बजट का उपयोग ही नहीं हुआ है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, कृषि यंत्रीकरण, कृषि विस्तार योजना, फार्म वाटर मैनेजमेंट, सॉयल हेल्थ मैनेजमेंट और नेशनल ऑयलसीड्स मिशन जैसी योजनाओं में आवंटन शून्य रहने की बात भी उन्होंने कही।

पटवारी ने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में भी कृषि विभाग से जुड़ी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। उनके अनुसार फर्टिलाइजर डेवलपमेंट फंड की लगभग 90 प्रतिशत राशि वाहनों, ड्राइवरों के वेतन और रखरखाव पर खर्च कर दी गई, जबकि किसानों तक बहुत कम राशि पहुंची। उन्होंने किसान उत्पादक संगठन योजना में भी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि विभिन्न सरकारी इकाइयों में हजारों वित्तीय गड़बड़ियों के मामले सामने आए हैं।

पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आने वाले सात दिनों में मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट और कृषि संबंधी दावों की क्रमवार समीक्षा कर तथ्यों को जनता के सामने रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में किसानों के पंजीयन को लेकर भारी अव्यवस्था की स्थिति है और अंतिम तारीख नजदीक होने के कारण किसान परेशान हो रहे हैं। कांग्रेस पार्टी जल्द ही इस मुद्दे को लेकर विशेष कार्यक्रम चलाएगी।

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