छिंदवाड़ा , अक्टूबर 16 -- छिंदवाड़ा में किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा संगठन से मतभेद बढ़ने के बाद जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना ने पार्टी की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव को भेजा है। सक्सेना का आरोप है कि किसानों के समर्थन में आवाज उठाने पर उन्हें अनुशासनहीनता का नोटिस दिया गया और आंदोलन में लोगों की भागीदारी रोकने के लिए फोन किए गए।

सक्सेना जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने, डूब क्षेत्र के किसानों को चार गुना मुआवजा देने और न्यूक्लियर पावर प्लांट से जुड़े मुद्दों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय थे। उनका कहना है कि बारिश की कमी से फसलों पर संकट के बीच वे किसानों की समस्याएं उठा रहे थे, लेकिन संगठन ने उनकी गतिविधियों पर आपत्ति जताई।

भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव ने सक्सेना को अनुशासनहीनता का नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा था। संगठन की ओर से उनकी गतिविधियों को पार्टी की रीति-नीति के विपरीत बताते हुए आगामी दौरा कार्यक्रम निरस्त करने के निर्देश भी दिए गए थे। नोटिस के बाद दोनों पक्षों के बीच मतभेद बढ़े और अंततः सक्सेना ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया।

अपने त्यागपत्र में सक्सेना ने आरोप लगाया कि भाजपा जिला कार्यालय से फोन कर लोगों को किसान आंदोलन में शामिल नहीं होने के लिए कहा गया। उन्होंने इसे अपने आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए कहा कि वे किसानों और आम जनता की समस्याओं को लेकर आगे भी आंदोलन करेंगे तथा संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे। इन आरोपों पर भाजपा संगठन का पक्ष सामने नहीं आया है।

सक्सेना लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। अब उनके इस्तीफे से जिले में किसानों के मुद्दों और भाजपा के संगठनात्मक अनुशासन को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित