भोपाल , अक्टूबर 28 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंचाई परियोजनाएं कृषि विकास और खुशहाली का आधार बनेंगी। नर्मदा घाटी की सिंचाई परियोजनाओं से मालवा और निमाड़ में खेती का विस्तार हुआ है। इसी तरह सतना और कटनी क्षेत्र में भी सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बुधवार को इंदौर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कटनी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कटनी को खनिज क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, लेकिन अब यहां आधुनिक खेती की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। स्लीमनाबाद सिंचाई परियोजना से किसानों के लिए नए अवसर बने हैं। किसानों द्वारा पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर चिया सीड, अश्वगंधा और काजू प्रसंस्करण जैसे नवाचार अपनाना प्रदेश के विकास के अच्छे संकेत हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार प्राकृतिक खेती, जैविक खेती तथा पशुपालन को प्रोत्साहित कर रही हैं। दीपावली के दौरान गोवर्धन पूजन के अवसर पर प्रदेश के वृंदावन गांवों में गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें श्रेष्ठ दुग्ध उत्पादक गायों के पालकों को प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। भविष्य में पशुपालन और मत्स्यपालन को भी समृद्ध बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कटनी के उन्नतशील किसानों से संवाद कर उनके नवाचारों की जानकारी ली। बहोरीबंद के किसान गोविंद पटेल ने बताया कि हैप्पी सीडर और सुपर सीडर जैसे कृषि यंत्रों से नरवाई प्रबंधन में मदद मिल रही है। शासन द्वारा आवेदन के आधार पर एक लाख 90 हजार रुपये तक के नए यंत्रों पर 90 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने जिले में क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां के किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध कराने की योजना बनाने के निर्देश दिए।
किसान अंकित नवानी ने बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार की पीएमएफएमई योजना के तहत 10 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त कर काजू प्रसंस्करण शुरू किया है। इससे उन्हें लाभ होने लगा है और अब वे ग्रेडिंग, कटिंग तथा बिक्री का काम भी कर रहे हैं। किसान रामरूप पटेल ने बताया कि उनके पास आठ एकड़ कृषि भूमि है, जहां वे मिर्च, बैंगन, धान, गेहूं और बागवानी की खेती करते हैं। मुख्यमंत्री ने किसान चंद्रभान कुशवाह सहित अन्य किसानों से भी संवाद किया।
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