भीलवाड़ा , जून 06 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत-विकसित राजस्थान के विजन को साकार करने के लिए डबल इंजन सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता से काम कर रही है और उसने किसान, पशुपालक और युवाओं की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदेश के विकास का रोडमैप तैयार किया है।

श्री शर्मा शुक्रवार रात भीलवाड़ा के खारी का लाम्बा ग्राम पंचायत में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में सबसे पहले पानी-बिजली की आवश्यकता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देकर महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं। उन्होंने इस ग्राम पंचायत में नवीन कृषि पर्यवेक्षक मुख्यालय खोलने एवं नवीन कृषि पर्यवेक्षक पद के सृजन की घोषणा की। साथ ही, विद्यार्थियों की मांग पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान, जीव विज्ञान एवं कृषि विज्ञान संकाय खोले जाने का भी आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि राजस्थान के विकास के लिए जल उपलब्धता का रोडमैप बनाया गया है। इसके तहत दशकों से अटकी योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य प्रारंभ किया। इसी क्रम में रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी एवं गंगनहर का सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ माही, देवास तथा सोम-कमला-अंबा, ब्राह्मणी नदी परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी रोडमैप बनाकर ठोस कदम उठाये गये हैं। ढाई वर्ष में ऊर्जा उत्पादन बढ़ने से हम ऊर्जादाता भी बने हैं। वर्ष 2027 तक प्रदेशभर में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाने का लक्ष्य तय किया है तथा अब तक 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों को छह हजार रुपये की किसान सम्मान निधि दी। राज्य सरकार भी तीन हजार रुपये की सम्मान निधि दे रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं जैविक खेती के जरिए अच्छी पैदावार से किसान अपनी आय को बढ़ायें। स्थानीय कृषि उपज के अनुसार प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना से किसानों का आर्थिक सशक्तीकरण भी होगा। साथ ही, रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में डेयरी एवं सहकारिता सेक्टर को मजबूत बनाया जा रहा है। दूध की प्रसंस्करण इकाइयों की क्षमता एवं दूध संकलन केंद्रों की संख्या में निरंतर वृद्धि की जा रही है। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को पांच रुपये प्रति लीटर का अनुदान दिया जा रहा है। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना से पशुपालकों को आर्थिक संबल मिला है। हमारी सरकार ने पशुओं के इलाज के लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट का संचालन भी किया है।

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