पटना , अक्टूबर 15 -- बिहार की लेडी गवर्नर सबीहा हसनैन ने गुरुवार को कहा कि किशोरावस्था में बच्चों को परीक्षा के दबाव, करियर संबंधी अपेक्षाओं, सोशल मीडिया पर दूसरों से तुलना, मित्रता में तनाव और बुलिंग जैसी कई मानसिक एवं भावनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और ऐसे में उनके मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए घर और विद्यालय में सुरक्षित, सहज एवं सहयोगपूर्ण वातावरण तैयार करना जरूरी है।
श्रीमती हसनैन ने बुधवार को बिहार लोक भवन में महिला इमदाद कमिटी की ओर से आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी 'मानसिक स्वास्थ्य का महत्व : किशोरों का संज्ञानात्मक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य' के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों की समस्याओं का समाधान करने की जल्दबाजी के बजाय पहले उनकी बात ध्यानपूर्वक सुननी और समझनी चाहिए। समय पर भावनात्मक सहयोग मिलने से बच्चों के तनाव और चिंता को बढ़ने से रोका जा सकता है।
लेडी गवर्नर नेअपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि किशोरावस्था में वह स्वयं भी परीक्षा, करियर और व्यक्तिगत अपेक्षाओं से जुड़े तनावों से गुजरी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी भावनाओं को समझने, समस्याओं पर खुलकर बात करने और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
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