मोतिहारी , मई 22 -- बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के मुफ्फसिल लखौरा थाना क्षेत्र में किशोरी के अपहरण एवं दुष्कर्म मामले में दुष्कर्म से बाल संरक्षण (पॉक्सो) न्यायालय ने दोषी अभियुक्त को 20 वर्षों के सश्रम कारावास और 80 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह पॉक्सो न्यायालय के अनन्य विशेष न्यायाधीश मिथिलेश कुमार ने मामले की सुनवाई के बाद बहुरी गांव निवासी भूलन सहनी को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़िता के पिता ने मुफ्फसिल लखौरा थाना कांड संख्या 430/2022 दर्ज कराया था। प्राथमिकी में कहा गया था कि 29 मई 2022 की शाम उनकी नाबालिग पुत्री घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद 4 जून 2022 को सूचक की बहन के मोबाइल पर फोन आया कि किशोरी दिल्ली के लालकिला इलाके में अभियुक्त के कब्जे में है।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अभियुक्त की मां को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। इसके बाद अभियुक्त ने किशोरी को लखौरा गांधी चौक पर छोड़ दिया, जहां से पुलिस ने उसे बरामद कर न्यायालय में प्रस्तुत किया।

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