मोतिहारी , सितंबर 23 -- बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में शादी की नीयत से किशोरी के अपहरण के करीब 18 वर्ष पुराने मामले में चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राघवेंद्र नारायण सिंह की अदालत ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।अदालत से मिली जानकारी के अनुसार, सजा पाने वालों में पहाड़पुर थाना क्षेत्र के सिसवा बाजार निवासी गोरख सिंह और शिवशंकर दास शामिल हैं। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोनों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

मामले में किशोरी की मां ने पहाड़पुर थाना में कांड संख्या 23/2008 दर्ज कराया था। प्राथमिकी के अनुसार, 21 जनवरी 2008 की सुबह करीब छह बजे उसकी नाबालिग पुत्री घर के सामने जलावन लाने गई थी। इसी दौरान आरोपितों ने जान से मारने की धमकी देकर उसका अपहरण कर लिया और बाइक से बेतिया ले गए। वहां से उसे गोरखपुर और फिर लुधियाना ले जाया गया।

पीड़िता के रोने के बाद आरोपित उसे मोतिहारी रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचे, जहां पुलिस ने उसे बरामद कर न्यायालय में प्रस्तुत किया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने दो नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।

सत्र वाद संख्या 558/2010 में विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक दीपक पटेल एवं सहायक अधिवक्ता मो. शहाबुद्दीन ने नौ गवाहों की गवाही कराई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 366(ए)/34 के तहत दोनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

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