नयी दिल्ली/हैदराबाद , अप्रैल 14 -- केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने केंद्र सरकार द्वारा संसद में संशोधन लाकर विधायी निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर संसद में 16, 17 और 18 अप्रैल को चर्चा होगी। उन्होंने महिला आरक्षण और परिसीमन दोनों को ही संवैधानिक रूप से अनिवार्य प्रक्रियाएं बताया है।
श्री रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश किए गए इस मौजूदा विधेयक का मकसद महिलाओं के आत्म-सम्मान, अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाना है। देश की कुल आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग आधी है।
उन्होंने इस कदम का विरोध करने के लिए कांग्रेस पार्टी की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस परिसीमन को महिला आरक्षण से जोड़कर भ्रम पैदा कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि परिसीमन प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ कोई अन्याय न हो और सीटों का आवंटन आनुपातिक रूप से बढ़े।
श्री रेड्डी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को निशाने पर लेते हुए उनकी आलोचना को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर संवेदनशील मुद्दों पर जनता को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
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