हैदराबाद , अक्टूबर 04 -- केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने रविवार को तेलंगाना के मेढ़क जिले के तूप्रान मंडल स्थित जेआरजेए औद्योगिक पार्क में साबर डेरी दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का भूमि पूजन किया।

अमूल तकनीक का उपयोग कर लगभग 400 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित किया जा रहा यह डेरी संयंत्र 18 महीनों के भीतर बनकर तैयार होने की उम्मीद है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। स्थानीय किसानों से खरीदे गये दूध को दूध, दही, छाछ, लस्सी, पनीर, आइसक्रीम और घी सहित विभिन्न उत्पादों में प्रसंस्कृत किया जायेगा, जिससे डेरी किसानों को अधिक मूल्य संवर्धन और आय प्राप्त होगी।

सभा को संबोधित करते हुए श्री रेड्डी ने तेलंगाना में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने और बिचौलियों पर किसानों की निर्भरता को कम करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां रोजगार पैदा कर सकती हैं, महिलाओं को सशक्त बना सकती हैं और छोटे तथा सीमांत किसानों को अतिरिक्त आय प्रदान कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र की श्वेत क्रांति 2.0 का लक्ष्य 2029 तक देश भर में 75,000 नयी डेरी सहकारी समितियों की स्थापना करना है, जिनमें तेलंगाना की 1,525 समितियां शामिल हैं। उन्होंने किसानों और महिला समूहों से डेरी सहकारी समितियां बनाने और मवेशी खरीदने तथा डेरी गतिविधियों का विस्तार करने के लिए उपलब्ध बैंक ऋणों का उपयोग करने का आग्रह किया।

श्री रेड्डी ने बताया कि 1964 में 19 सहकारी समितियों और प्रतिदिन 5,100 लीटर दूध के संग्रह के साथ शुरू हुई साबर डेरी अब प्रतिदिन लगभग 50 लाख लीटर दूध प्रसंस्कृत करती है, जिसमें लगभग 50,000 दूध उत्पादक जुड़े हैं और वर्ष 2025-26 में इसका टर्नओवर 10,500 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना को डेरी किसानों को मजबूत कर, महिलाओं को सशक्त और गांवों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर नयी श्वेत क्रांति में प्रमुख भूमिका निभानी चाहिए।

कार्यक्रम में राज्य के मंत्री गड्डम विवेक वेंकटस्वामी और दुदिल्ला श्रीधर बाबू, सांसद एम. रघुनंदन राव, साबर डेरी के अध्यक्ष और अन्य अधिकारी शामिल हुए।

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