अलवर , अगस्त 06 -- राजस्थान में लगातार दो दिन से हो रही बारिश ने अलवर शहर के आसपास की अरावली पर्वतमाला को हरियाली की चादर से ढंक दिया है।
इसी क्रम में ऐतिहासिक किशन कुंड इन दिनों प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। चारों ओर फैली हरियाली,पहाड़ियों से उतरते झरने और बहते पानी की कल-कल ध्वनि ऐसा मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रही है कि सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित यहां पहुंच रहे हैं। बारिश के बीच किशन कुंड का प्राकृतिक सौंदर्य लोगों को शहर की भागदौड़ से दूर सुकून का एहसास करा रहा है।
अरावली की गोद में बसे किशन कुंड की खूबसूरती मानसून में अपने चरम पर पहुंच जाती है। पहाड़ियों से बहकर आने वाले झरने और स्वच्छ वातावरण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। जयपुर और अन्य शहरों से आये पर्यटकों ने कहा कि अलवर का सबसे बड़ा सौभाग्य इसकी प्राकृतिक धरोहर है। पहाड़ों के बीच बसा शहर, हरियाली से भरपूर वातावरण और शुद्ध ऑक्सीजन यहां आने वालों को अलग ही अनुभूति कराते हैं। उनका कहना है कि किशन कुंड परिवार और बच्चों के साथ घूमने के लिए बेहद सुंदर और सुरक्षित पर्यटन स्थल है, जहां प्रकृति को करीब से महसूस किया जा सकता है।
किशन कुंड केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र ही नहीं, बल्कि रियासतकालीन विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। यहां से बहने वाला पानी ऐतिहासिक सागर जलाशय तक पहुंचता है, जो अलवर की प्राचीन जल संरक्षण व्यवस्था का जीवंत उदाहरण है। आसपास स्थित बाला किला और चक्रधारी हनुमान मंदिर इस क्षेत्र की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता को और बढ़ाते हैं।
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