भुवनेश्वर , जुलाई 14 -- ओडिशा अपराध शाखा ने मंगलवार को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के पूर्व निदेशक मनोज कुमार पाढ़ी को कक्षा एक से आठ तक की ओड़िया पाठ्यपुस्तकों में पाई गई गंभीर त्रुटियों के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया है। इन त्रुटियों के कारण राज्य सरकार के खजाने को लगभग 175 करोड़ रुपये का नुकसान होने का आरोप है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर पाठ्यपुस्तकों की त्रुटियों की जांच ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा को सौंपी गई थी। मुख्यमंत्री ने शनिवार को पाठ्यपुस्तकों की तैयारी और प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया की आपराधिक जांच के आदेश दिए थे। उन्होंने परिषद के निदेशक को त्रुटियों को लेकर अपराध शाखा के पुलिस अधीक्षक के पास एक अलग प्राथमिकी दर्ज कराने का भी निर्देश दिया था।
जांच में पाया गया कि ओडिशा प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी पाढ़ी (57) शिक्षक शिक्षा और परिषद के निदेशक के रूप में कार्यरत रहते हुए, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत पाठ्यपुस्तक विकास प्रक्रिया के समग्र पर्यवेक्षण, समन्वय, निगरानी और अनुमोदन के लिए जिम्मेदार थे।
अपराध शाखा के सूत्रों ने आरोप लगाया कि पाढ़ी अपने आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन करने में पूरी तरह असफल रहे और उन्होंने पाठ्यपुस्तकों की सामग्री का उचित सत्यापन बिना जानबूझकर छपाई के लिए तैयार पांडुलिपियों को मंजूरी दे दी और आगे बढ़ा दिया। सूत्रों ने कहा कि उनके इस कृत्य और लापरवाही के कारण त्रुटिपूर्ण पाठ्यपुस्तकों का प्रकाशन और वितरण हुआ, जिससे सरकारी खजाने को लगभग 175 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ और इसके साथ ही छात्रों के शैक्षणिक हित भी प्रभावित हुए।
पाढ़ी के खिलाफ प्रथम दृष्टया साक्ष्य स्थापित होने के बाद, अपराध शाखा ने उन्हें भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत नामजद किया। उन्हें मंगलवार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर कटक की स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अपराध शाखा के सूत्रों ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने उन परिस्थितियों और कमियों की जांच के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था, जिनके कारण स्कूली पाठ्यपुस्तकों में गलतियाँ हुईं। समिति की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार ने परिषद के पूर्व निदेशक मनोज पाढ़ी और तीन सहायक निदेशकों को निलंबित कर दिया तथा छह अन्य सहायक निदेशकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी।
पाढ़ी के साथ सहायक निदेशक प्रलिप्त मिश्रा, दिलीप कुमार साहू और भारती टुडू को निलंबित किया गया है। इसके अलावा सहायक निदेशक बंदिता पटनायक, मानस रंजन राउत, मनोरंजन महापात्र, डॉ. प्रशांत कुमार साहू, मानस कुमार नायक और डॉ. सुदर्शन संतरा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
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