जयपुर , मई 21 -- राजस्थान उच्च न्यायालय ने अवैध किडनी प्रत्यारोपण और मानव तस्करी के मामले में गिरफ्तार दो बंगलादेशी नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अनूप कुमार की एकलपीठ ने सुनाया। दोनों आरोपी पिछले दो वर्षों से न्यायिक हिरासत में थे और उन्होंने इस मामले में सरकारी गवाह बनकर जांच एजेंसियों का सहयोग किया था।
यह मामला जयपुर के जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। आरोपियों पर अवैध किडनी प्रत्यारोपण और मानव तस्करी से संबंधित अपराधों में शामिल होने का आरोप है। न्यायालय में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि उनके बयान निचली अदालत में दर्ज हो चुके हैं और मुख्य आरोपी पहले ही जमानत पर रिहा किये जा चुके हैं। ऐसे में उन्हें लंबे समय तक जेल में रखना अनुचित होगा।
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत त्वरित सुनवाई और गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार विदेशी नागरिकों को भी प्राप्त है। अदालत ने माना कि मामला पूरा होने में अभी लंबा समय लग सकता है। लिहाजा लगातार हिरासत में रखना उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होगा।
न्यायालय ने दोनों आरोपियों को पांच-पांच लाख रुपये के निजी मुचलके और दो-दो जमानतदारों के आधार पर रिहा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य सरकार और आव्रजन अधिकारियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश भी दिये गये हैं।
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