वाराणसी , मई 22 -- श्री काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

अपर निदेशक आईबी विनीता शर्मा, पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल और अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) तरुण गाबा ने गुरुवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था एवं जनसुविधाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद शाम को मण्डलायुक्त वाराणसी मण्डल एस. राजलिंगम, एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया, जिलाधिकारी वाराणसी सत्येन्द्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गोष्ठी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

धाम क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर की परिधीय दीवारों की ऊँचाई बढ़ाए जाने के निर्देश दिए गए। भैरव गेट पर श्रद्धालुओं की भीड़ के प्रभावी नियंत्रण एवं व्यवस्थित आवागमन के लिए आधुनिक स्लाइडिंग गेट स्थापित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। धाम क्षेत्र की गलियों एवं संवेदनशील मार्गों में सतत निगरानी के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

उड़पी क्षेत्र एवं आसपास के दुकानदारों, ग्राहकों तथा गंगा द्वार से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की सुगम वापसी के लिए प्रमुख द्वार संख्या-04 के निकट प्रशासनिक भवन के बगल से वैकल्पिक मार्ग संचालित करने के निर्देश दिए गए। धाम क्षेत्र में पुलिस, पीएसी, सीआरपीएफ एवं अन्य अर्धसैनिक बलों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

संवेदनशील स्थानों पर रूफटॉप ड्यूटी लगाकर 24 घंटे सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। पूरे धाम क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों, पीटीजेड कैमरों, वीडियो एनालिटिक्स सिस्टम एवं ड्रोन तकनीक के माध्यम से की जाएगी। कंट्रोल रूम को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित किया जाएगा।

स्थापित एंटी-ड्रोन सिस्टम की कार्यक्षमता की समीक्षा कर प्रशिक्षित कार्मिकों की तैनाती और आकस्मिक प्रतिक्रिया योजना को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए। लगभग 325 सीसीटीवी कैमरों, वॉच टावरों, नाइट विजन उपकरणों एवं वीडियो वॉल सिस्टम के माध्यम से निगरानी बनाए रखते हुए ब्लाइंड स्पॉट समाप्त करने के लिए एआई युक्त अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएंगे। श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुगम दर्शन-पूजन के लिए प्रवेश एवं निकास मार्गों पर व्यापक बैरिकेडिंग एवं चरणबद्ध भीड़ प्रबंधन प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए। भीड़ नियंत्रण एवं आपात स्थिति से निपटने के लिए होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएंगे।

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