वाराणसी , जून 09 -- आदि योगी भगवान शिव की पावन नगरी काशी एक बार फिर वैश्विक मंच पर स्वास्थ्य और निरोग जीवन का संदेश देने के लिए तैयार है। 21 जून को आयोजित होने वाले 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर वाराणसी में 15 से 21 जून तक "योग सप्ताह" का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान विश्व प्रसिद्ध 84 अर्धचंद्राकार घाटों पर योगाभ्यास के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" निर्धारित की गई है। मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि योग सप्ताह का औपचारिक शुभारंभ 15 जून को नमो घाट से होगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में नागरिक भी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि योग को जन-जन तक पहुंचाने और इसे जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से काशी के विभिन्न घाटों पर प्रतिदिन योग सत्र आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि 16 जून को राजघाट, पंचअग्नि घाट, रानी घाट, निषाद घाट, नया घाट, तेलिया नाला घाट, सक्का घाट, गोला घाट, बद्रीनारायण घाट, गाय घाट, ब्रह्म घाट, शीतला घाट, बुंदी दीपरकोटा घाट, दुर्गा घाट तथा बालाजी घाट पर योगाभ्यास होगा।

इसी प्रकार 17 जून को जटार घाट, राम घाट, अग्निश्वर घाट, गणेश घाट, मेहता घाट, भोसले घाट, गंगा महल घाट, संकठा घाट, सिंधिया घाट, ललिता घाट, मीर घाट, त्रिपुरा भैरवी घाट, मानमंदिर घाट, डॉ. आर.पी. घाट और दशाश्वमेध घाट पर योग सत्र आयोजित किए जाएंगे। 18 जून को अहिल्याबाई घाट, मुंशी घाट, दरभंगा घाट, राणा घाट, चौसट्ठी घाट, द्विगपतिया घाट, पाण्डेय घाट, बबुआ पाण्डेय घाट, राजा घाट, नारद घाट, मानसरोवर घाट तथा क्षेमेश्वर घाट योग कार्यक्रमों के साक्षी बनेंगे।

वहीं 19 जून को चौकी घाट, केदार घाट, विजयानगरम घाट, कर्नाटक स्टेट घाट, हनुमान घाट, डांडी घाट, गुलेरिया घाट, शिवाला घाट, निरंजनी घाट, प्रभु घाट, पंचकोटा घाट और चेतसिंह घाट पर योगाभ्यास कराया जाएगा। 20 जून को जैन घाट, वक्षराज घाट, आनंदमयी घाट, जानकी घाट, भदैनी घाट, तुलसी घाट, रीवा घाट, गंगा महल घाट-2, रविदास घाट, अस्सी नया घाट और महानिर्वाणी घाट पर योग सत्र आयोजित होंगे। इसके बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अस्सी घाट सहित काशी के सभी प्रमुख घाटों पर एक साथ सामूहिक योगाभ्यास किया जाएगा।

क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि योग दिवस के अवसर पर गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल, श्री काशी विश्वनाथ धाम, सारनाथ, नगर निगम के पार्कों, आयुष चिकित्सालयों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों तथा सभी ग्राम पंचायतों के पंचायत भवनों में भी बड़े स्तर पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि योग को केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रखकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम सभा से युवा मंगल दल के एक पुरुष सदस्य और महिला मंगल दल की एक महिला सदस्य को "कॉमन योग प्रोटोकॉल" के अंतर्गत प्रशिक्षित किया जा रहा है। ये प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर गांवों में जाकर नियमित योगाभ्यास कराएंगे तथा लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।

प्रशासन का मानना है कि काशी के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक घाटों पर आयोजित होने वाले ये योग कार्यक्रम न केवल लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेंगे, बल्कि विश्व समुदाय के समक्ष भारत की प्राचीन योग परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रभावी प्रदर्शन करेंगे।

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