वाराणसी , मार्च 25 -- उत्तर प्रदेश में वाराणसी नगर निगम ने संपत्ति कर के बड़े बकायेदारों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस क्रम में बुधवार को कोतवाली जोन के आदि विश्वेश्वर (कुंडी नगर टोला) स्थित भवन संख्या सी.के. 39/24-25 को कुर्क कर दिया गया है। यदि पांच दिनों में अवशेष 20,26,237 रुपये का भुगतान नहीं किया गया तो उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 513 एवं 514 के तहत संपत्ति की नीलामी कर दी जाएगी। इस भवन का स्वामित्व मरकजी दारुल उलूम वगैरह के पास है।
आदि विश्वेश्वर स्थित भवन संख्या सी.के. 39/24-25 पर कुल 24,16,237 रुपये की धनराशि बकाया थी। नगर निगम द्वारा पूर्व में जारी अधिग्रहण वारंट के अनुपालन में अब तक मात्र 3,90,000 रुपये ही वसूल किए जा सके हैं। बार-बार नोटिस जारी करने और संपर्क करने के बावजूद भवन स्वामियों ने शेष 20,26,237 रुपये का भुगतान नहीं किया।
नगर निगम ने भवन स्वामियों की हठधर्मिता को देखते हुए कुर्की की कार्रवाई की है। कुर्की अवधि के दौरान उक्त संपत्ति का हस्तांतरण, विक्रय, गिरवी रखना या किसी भी प्रकार का बाध्यकारी अनुबंध करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
सहायक नगर आयुक्त एवं जोनल अधिकारी (कोतवाली जोन) ने भवन स्वामियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अगले पांच दिनों के भीतर संपूर्ण बकाया राशि कार्यालय में जमा नहीं की गई तो अधिनियम की धारा 513 एवं 514 के तहत संपत्ति की सार्वजनिक नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। राजस्व निरीक्षक आलोक भट्टाचार्य को इस वारंट के निष्पादन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नगर निगम की ओर से जलकर पर सरचार्ज माफी की अंतिम तिथि 31 मार्च को समाप्त हो रही है। ऐसे में भवन स्वामियों के पास अब महज पांच दिन का समय शेष है। इसके बाद गृहकर, जलकर एवं सीवरकर जमा न करने पर निगम सरचार्ज सहित वसूली करेगा। बड़े बकायेदारों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शहर के सभी सम्मानित भवन स्वामियों से अपील की है कि वे 31 मार्च तक गृहकर, जलकर और सीवरकर की पूरी राशि जमा कर लें।
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