वाराणसी , जून 20 -- 21 जून की सुबह जब सूर्य की पहली किरण बाबा विश्वनाथ की नगरी को छुएगी, तब सिगरा स्टेडियम में 'ॐ' के उच्चारण और मंत्रों की गूंज के साथ योग उत्सव की शुरुआत होगी। आनंद-कानन के नाम से विख्यात काशी में यह आयोजन केवल शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि मन और आत्मा को जोड़ने वाला उत्सव बनेगा।

शिव की नगरी, जिसे अनादि काल से 'आनंद-कानन' (आनंद का वन) कहा जाता है, 21 जून को एक अलग ही रंग में रंगने जा रही है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के महापर्व पर इस बार काशीवासी सेहत और अध्यात्म के अनूठे संगम के साक्षी बनेंगे। नगर निगम की ओर से इस भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 21 जून की सुबह ठीक छह बजे सिगरा स्थित डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में सामूहिक योगाभ्यास का शंखनाद होगा, जहां हजारों की संख्या में लोग एक साथ प्राणायाम और आसनों के जरिए 'स्वस्थ जीवन' का संदेश देंगे।

आयोजन की महत्ता को रेखांकित करते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि योग हमारी प्राचीन सनातन संस्कृति का अनमोल उपहार है। काशी हमेशा से ज्ञान, ध्यान और अध्यात्म का केंद्र रही है। उन्होंने संपूर्ण काशीवासियों से आह्वान किया है कि वे केवल योग दिवस के दिन ही नहीं, बल्कि इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। महापौर ने सिगरा स्टेडियम में होने वाले इस वृहद आयोजन में शहर के प्रबुद्ध जनों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया है, ताकि काशी से पूरे विश्व में सेहत और शांति का सकारात्मक संदेश जाए।

तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि नगर निगम इस आयोजन को भव्य और सुचारू बनाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम में सुबह छह बजे से शुरू होने वाले इस सत्र के लिए मैट, पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नगर आयुक्त ने पूरी टीम को निर्देश दिए हैं कि आने वाले योग साधकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि अनुभवी योग गुरुओं की देखरेख में प्रोटोकॉल के तहत योगाभ्यास कराया जाएगा, ताकि हर आयु वर्ग के लोग आसानी से इसका लाभ उठा सकें।

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